छत्तीसगढ़

CG- साय सरकार का बड़ा फैसला, CSPGCL की होगी शेयर बाजार में लिस्टिंग; 200 करोड़ रुपए के बॉन्ड होंगे जारी

रायपुर। साय सरकार ने राज्य की ऊर्जा अधोसंरचना को मजबूती प्रदान करने और आमजन व संस्थागत निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (CSPGCL) की शेयर बाजार में लिस्टिंग का फैसला लिया है।

सरकार कंपनी को स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध करने के लिए 200 करोड़ रुपये तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD)/बॉन्ड जारी करेगी। इसके लिए राज्य सरकार मूलधन व ब्याज भुगतान पर अपनी गारंटी (Government Guarantee) प्रदान करने के साथ प्रत्याभूति शुल्क में छूट देगी। इससे राज्य के ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहन मिलने के साथ और बिजली उत्पादन व वितरण प्रणाली को नई रफ्तार हासिल होगी।

बता दें कि छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (CSPGCL) चार तापीय और एक जल विद्युत संयंत्र की बदौलत कुल 2,960 MW बिजली उत्पादन करती है. इसमें तापीय विद्युत संयंत्रों की भागीदारी 2,840 MW और जलविद्युत संयंत्र की भागीदारी 120 MW है.

राज्य की कुल स्थापित क्षमता में CSPGCL की हिस्सेदारी लगभग 11% है। शेष लगभग 89% क्षमता NTPC, निजी बिजली उत्पादक कंपनियों (जैसे जिंदल, अडानी, BALCO आदि) तथा अन्य उत्पादकों के पास है।यह छत्तीसगढ़ की कुल स्थापित विद्युत उत्पादन क्षमता लगभग 26,400 मेगावाट का लगभग 11 प्रतिशत है।

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (CSPGCL)

विद्युत संयंत्रप्रकारक्षमता
हसदेव ताप विद्युत गृह, कोरबा (HTPS)तापीय840 MW (4 × 210 MW)
कोरबा वेस्ट ताप विद्युत गृहतापीय500 MW
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत गृह, कोरबातापीय500 MW (2 × 250 MW)
अटल बिहारी वाजपेयी ताप विद्युत गृह, मड़वा (जांजगीर-चांपा)तापीय1,000 MW (2 × 500 MW)
मिनीमाता हसदेव बांगो जलविद्युत परियोजनाजलविद्युत120 MW (3 × 40 MW)

CSPGCL की नई परियोजनाएं और विस्तार योजनाएं

वित्त वर्ष 2026-27 से 2029-30 के लिए CSPGCL ने अपने पूंजी निवेश (Capital Investment Plan) में मौजूदा संयंत्रों के आधुनिकीकरण, प्रदूषण नियंत्रण और नई उत्पादन क्षमता पर विशेष जोर दिया है। इसमें मुख्य तौर पर हसदेव ताप विद्युत गृह (HTPS), कोरबा में 2 × 660 मेगावाट (कुल 1,320 मेगावाट) की सुपरक्रिटिकल इकाइयों के विस्तार की योजना है। यह परियोजना पर्यावरणीय स्वीकृतियों की प्रक्रिया में है।

इसके अलावा कंपनी के सभी प्रमुख ताप विद्युत संयंत्रों में FGD (Flue Gas Desulphurization) प्रणाली लगाई जा रही है, ताकि सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂) उत्सर्जन नए पर्यावरण मानकों के अनुरूप हो सके। पुराने संयंत्रों के Renovation & Modernization (R&M), दक्षता बढ़ाने और जीवनकाल बढ़ाने के लिए भी निवेश किया जा रहा है। इसके साथ राज्य सरकार की नीति के अनुसार CSPGCL सौर ऊर्जा परियोजनाओं को भी बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रही है।

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