यौन शोषण कंटेंट से डीपफेक और पीएम मोदी का वीडियो डिलीट करने तक, मार्क जुकरबर्ग ने मांगी माफी

नई दिल्ली। फेसबुक, व्हाट्सएप व इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बच्चों के यौन शोषण संबंधी कंटेंट के प्रसारित होने, डीपफेक वीडियो के चलने व प्लेटफॉर्म के संचालन में गलतियों सहित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो को कुछ देर के लिए हटाने के मामले में मेटा प्रमुख मार्क जुकरबर्ग ने भारत से माफी मांग ली है।
बुधवार को इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी से जुड़ी संसदीय स्थायी समिति ने मेटा प्रमुख से इस मामले में माफी मांगने के लिए कहा था।
24 घंटे के अंदर दिल्ली आए META के अधिकारी
बुधवार को जुकरबर्ग की तरफ से माफी मांगने के अलावा मेटा के प्रमुख अधिकारियों की टीम ने इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव और सचिव एस. कृष्णन से मुलाकात की।
मेटा की तरफ से बताया गया कि बच्चों के यौन शोषण संबंधी कंटेंट के प्रसारण के लिए पेड प्रमोशन के रूप में काफी पैसे दिए गए जिसे खास प्रकार के दर्शकों तक पहुंचाया गया जिसके लिए उन्हें खेद है।
मंत्रालय ने मेटा से यह भी साफ कर दिया कि उनके प्लेटफॉर्म को इंटरमीडियरिज की श्रेणी से बाहर कर दिया गया है क्योंकि वे कंटेंट के प्रसारण में दर्शकों का चयन करते हैं कि कौन सा कंटेंट किस दर्शक तक पहुंचाना चाहिए। जबकि इंटरमीडियरिज का काम ऐसा करना नहीं है।
इंटरमीडियरिज की श्रेणी वाले प्लेटफार्म को आईटी कानून के तहत विशेष छूट मिली हुई और उनके प्लेटफार्म पर चलने वाले थर्ड पार्टी कंटेंट के लिए उन्हें जिम्मेदार नहीं माना जाता है।
मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि मेटा से यह भी साफ कर दिया गया कि भारत में अगर वे अपना सोशल मीडिया प्लेटाफार्म संचालित करना चाहते हैं तो भारतीय कानून का पालन करना ही होगा।
सूत्रों के मुताबिक मेटा ने कहा कि उनके प्लेटफार्म पर कंटेंट को प्रमोट करने के लिए काफी पैसे खर्च किए गए, लेकिन इसकी विस्तृत जानकारी नहीं दी गई।
मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि मेटा टीम को फिर से बुलाया जाएगा। हालांकि मेटा की तरफ से इस मामले में कोई बयान जारी नहीं किया गया है।



