दतिया में वोटरों ने कर दिया खेला, 70 फीसदी हुई वोटिंग, कौन बनेगा विधायक?

दतिया: देश में तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं। इसमें सबसे अधिक वोटिंग दतिया विधानसभा सीट पर हुई है। कांग्रेस उम्मीदवार की सदस्यता रद्द होने के बाद यहां उपचुनाव हो रहे हैं। उपचुनाव में बंपर वोटिंग के बदलाव के संकेत हैं। वोटिंग खत्म होने के बाद इसे लेकर अटकलें शुरू हो गई हैं। क्या दतिया के वोटरों ने खेला कर दिया है।
तीन उम्मीदवारों की है चर्चा
दरअसल, दतिया उपचुनाव के मैदान में कई उम्मीदवार उतरे हैं। मगर सबसे अधिक चर्चा तीन उम्मीदवारों की है। बीजेपी ने आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस की ओर घनश्याम सिंह उम्मीदवार हैं। वहीं, आजाद समाज पार्टी की ओर दामोदर यादव उम्मीदवार हैं। तीनों ने दतिया फतह करने के लिए वोटिंग से पहले जोर लगाया था।
मतदाताओं ने जमकर डाले वोट
2023 में हुए दतिया विधानसभा चुनाव में मतदाताओं ने 80.20 फीसदी वोट डाले थे। इसके बाद दतिया में परिवर्तन हो गया था और बीजेपी के कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा चुनाव हार गए थे। उपचुनाव के हिसाब दतिया में इस बार भी वैसी ही वोटिंग हो रही है। पिछले चुनाव की तुलना में आंकड़ा कुछ कम हो सकता है। शाम पांच बजे तक 68.78 फीसदी वोटिंग हुई थी। वोटिंग का समय शाम छह बजे तक है। ऐसे में आंकड़ा 70 फीसदी के पार जा सकता है।
बदला हुआ है दतिया सीन
वहीं, दतिया विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी और कांग्रेस में इस बार सीन बदला हुआ है। बीजेपी ने अपने धाकड़ नेता नरोत्तम मिश्रा का टिकट काट दिया है। वहीं, कांग्रेस ने राजेंद्र भारती के परिवार को टिकट नहीं दिया। अन्य दावेदारों को दरकिनार कर पूर्व विधायक घनश्याम सिंह को उम्मीदवार बनाया है। ऐसे में दोनों दलों में भीतरघात की आशंका भी है।
बीजेपी ने किया डैमेज कंट्रोल
नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद उनके समर्थकों ने जमकर उत्पात मचाया था। इसके बाद बीजेपी डैमेज कंट्रोल करने में जुटी। पार्टी नरोत्तम मिश्रा को मनाने में कामयाब रही और आशुतोष तिवारी के नामांकन में ले गई। लेकिन मंच पर नरोत्तम मिश्रा के आंसू निकल आए। सियासी गलियारों में चर्चा है कि नरोत्तम मिश्रा के आंसूओं की कीमत बीजेपी चुका सकती है। हालांकि नरोत्तम मिश्रा पार्टी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी के लिए प्रचार करते रहे हैं। उनका दावा है कि बीजेपी की जीत होगी।
बूथ मैनेजमेंट में जुटी रहीं पार्टियां
दतिया उपचुनाव बीजेपी और कांग्रेस के लिए साख का सवाल है। कांग्रेस की सयह सीटिंग सीट है। वहीं, बीजेपी अभी सत्ता में है। ऐसे में दोनों पार्टी के दिग्गज नेता चुनाव की घोषणा के बाद दतिया में ही कैंप किए रहे हैं। अपने उम्मीदवारों की जीत के लिए दतिया की गलियों में खाक छानते नजर आए हैं। साथ ही बूथ मैनेजमेंट का भी ध्यान रखा है। ताकि वोटरों को बूथ तक पहुंचाया जा सके।
दामोदर यादव से कांग्रेस को नुकसान की संभावना
वहीं, बीजेपी-कांग्रेस के अलावे आजाद समाज पार्टी के उम्मीदवार दामोदर यादव भी दमदारी के साथ चुनाव लड़ रहे हैं। उनके लिए सांसद चंद्रशेखर यादव चुनाव प्रचार करने आए थे। सियासी विशेषज्ञों का दावा है कि दामोदर यादव कांग्रेस के वोट में ही घुसपैठ करेंगे। अगर वोटर उनकी तरफ टर्न होते हैं तो बीजेपी को फायदा हो सकता है।
बीजेपी-कांग्रेस कर रही है जीत का दावा
गौरतलब है कि दतिया उपचुनाव में बीजेपी और कांग्रेस की ओर से अपने उम्मीदवारों की जीत का दावा किया जा रहा है। हालांकि कांग्रेस चुनाव में गड़बड़ी का भी आरोप लगा रही है। बीजेपी नेता नरोत्तम मिश्रा आरोप लगा रहे हैं कि हताशा में इस तरह की बातें कर रही है।
3 अगस्त को होगा फैसला
हालांकि स्थानीय लोगों के अलग-अलग दावे हैं। लेकिन जानकारों का कहना है कि किसी भी उम्मीदवार की एकतरफ जीत नहीं होने वाली है। हार-जीत यहां मामूली अंतर से होगी। तीन अगस्त को फाइनल रिजल्ट आएगा। उसी दिन पता चलेगा कि दतिया विधानसभा का विधायक कौन बनेगा।



