छत्तीसगढ़

बिलासपुर MFC विवाद, रेलवे ने IRCON को दिया 8 करोड़ का नोटिस

. रायपुर/बिलासपुर. बिलासपुर रेलवे स्टेशन स्थित मल्टी फंक्शनल कॉम्प्लेक्स (एमएफसी) का टेंडर पिछले वर्ष (2023) जनवरी में टर्मिनेट कर दिया गया है. लेकिन टर्मिनेशन के बाद इसे खाली नहीं किया गया और मामले कोर्ट में चला गया. अब इस मामले में रेलवे को हुई हानि के कारण बिलासपुर रेल मंडल के अधिकारियों ने करीब 8 करोड़ (सूत्रो के मुताबिक. ये राशि और अधिक हो सकती है) रूपए का नोटिस IRCON को थमाया है.

लल्लूराम ने इस मामले में पूर्व में भी खबर प्रकाशित की थी. जिसमें बताया गया था कि उक्त बिल्डिंग को खाली कराने में इरकॉन और रेलवे के अधिकारी आमने सामने है. दोनो के बीच कौन इसे खाली कराएगा ये जिम्मेदारी तय नहीं हुई है. यही कारण है कि इसका फायदा एमएफसी लेने वाली सीजी इंजीनियरिंग कंपनी को मिल रहा है.

जानकारी के मातबिक रेलवे सूत्रों के मुताबिक सीजी इंजीनियरिंग कंपनी ने दिसंबर 2019 से अब तक रेलवे को 1 रूपए का भी शुल्क अदा नहीं किया है. जबकि टेंडर शर्तों के मुताबिक कंपनी को करीब 3 लाख रूपए प्रति महीने देना था. जो टेंडर शर्तों के मुताबिक बाद में और बढ़ गया है.

IRCON को दिए नोटिस में रेलवे ने क्या कहा ?

रेलवे सूत्रों के मुताबिक रेलवे द्वारा IRCON को दिए गए नोटिस में कहा गया है कि इरकॉन आईएसएल एमएफसी बिलासपुर के प्रबंधन और उसके व्यावसायिक उपयोग के लिए जिम्मेदार है. इरकॉन आईएसएल ने एमएफसी के संचालन और प्रबंधन का काम सीजी इंजीनियरिंग कंपनी को 15 साल की लीज पर आवंटित किया था. इस अनुबंध के आधार पर एमएफसी बिलासपुर का कब्जा सीजी इंजीनियरिंग कंपनी को दे दिया गया और इसके साथ ही एमएफसी भवन के व्यावसायिक उपयोग का अधिकार भी सीजी इंजीनियरिंग कंपनी को दे दिया गया.

लाइसेंस शुल्क का भुगतान न करने के कारण इरकॉन आईएसएल ने 5 जनवरी 2023 को सीजी इंजीनियरिंग कंपनी के साथ अपना उप-पट्टा समझौता समाप्त कर दिया और एमएफसी बिलासपुर का कब्जा रद्द कर दिया और इस इमारत को खाली करने के लिए राज्य अधिकारी को एक आवेदन प्रस्तुत किया.

 भारतीय रेलवे अधिनियम की धारा 144 के अनुसार, किसी भी व्यक्ति को रेलवे परिसर में कोई भी व्यवसाय करने के लिए रेलवे से लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य है. वर्तमान मामले में, उप-पट्टा समझौते की समाप्ति के बाद सीजी इंजीनियरिंग कंपनी को इरकॉन या रेलवे द्वारा कोई लाइसेंस या अनुमति प्रदान नहीं की गई थी, लेकिन सीजी इंजीनियरिंग कंपनी ने एमएफसी भवन के माध्यम से अनधिकृत व्यवसाय जारी रखा. इस व्यावसायिक गतिविधि को रोकने की पूरी जिम्मेदारी इरकॉन आईएसएल की ही थी.

सब लीज अनुबंध समाप्त होने के बाद इरकॉन आईएसएल के एमएफसी भवन के व्यावसायिक उपयोग को रोकने का कोई प्रयास नहीं किये जाने से मंडल रेल प्रशासन बिलासपुर को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है, (करीब 8 करोड़, ये राशि और अधिक भी हो सकती है)  अत: 15 दिवस के अन्दर उक्त धनराशि का भुगतान सुनिश्चित करायें। अन्यथा, एमएफसी भवन को जब्त कर लिया जाएगा और नुकसान की राशि इस भवन के वर्तमान बाजार मूल्य के आधार पर समायोजित की जाएगी.

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