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NDA Parliamentary Party के Mangal Milan में शामिल हुई TMC से टूट कर बनी NCPI, बनाई गई नई रणनीति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में आयोजित इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी और राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह समेत एनडीए के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

संसद के मानसून सत्र में जहां विपक्ष छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरते हुए दोनों सदनों को नहीं चलने दे रहा है वहीं सत्ता पक्ष ने भी अपने 
 राजनीतिक मोहरे एक-एक कर सजा दिए हैं। संसद परिसर में आज हुई एनडीए संसदीय दल की साप्ताहिक ‘मंगल मिलन’ बैठक मात्र फ्लोर मैनेजमेंट तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने यह संदेश भी दे दिया कि संसद के भीतर संख्या, समन्वय और रणनीति, तीनों मोर्चों पर एनडीए अब और अधिक आक्रामक अंदाज में उतरने वाला है। खास बात यह रही कि तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर बनी नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के सांसद पहली बार एनडीए की औपचारिक रणनीतिक बैठक का हिस्सा बने, जिससे विपक्षी खेमे में हलचल तेज हो गई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में आयोजित इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी और राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह समेत एनडीए के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। हम आपको बता दें कि संसद सत्र के दौरान प्रत्येक मंगलवार को होने वाली इन बैठकों का मकसद संसद के भीतर सहयोगी दलों के बीच तालमेल मजबूत करना, विधेयकों पर साझा रणनीति बनाना और विपक्ष के हमलों का एकजुट होकर जवाब देना होता है।

इस बार बैठक का सबसे बड़ा एजेंडा था पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक-2026। सोमवार को लोकसभा में पेश किए गए इस विधेयक पर विपक्ष के भारी हंगामे के बीच चर्चा आगे बढ़ाने के लिए एनडीए ने पूरी तैयारी कर ली है। सरकार का दावा है कि यह कानून पेपर लीक और संगठित परीक्षा घोटालों पर अब तक का सबसे कठोर प्रहार साबित होगा। सरकार का कहना है कि अब केवल ‘नकलची’ नहीं, बल्कि पूरे ‘पेपर लीक उद्योग’ पर कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी है। उधर, विपक्ष इस पूरे मुद्दे को केवल कानून का सवाल नहीं, बल्कि सरकार की जवाबदेही का विषय बना रहा है। 20 जुलाई के ‘संसद चलो’ छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष लगातार गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांग रहा है। 

देखा जाये तो आज की मंगल मिलन बैठक में एनसीपीआई सांसदों की पहली मौजूदगी ने यह संकेत भी दे दिया कि एनडीए संसद के भीतर अपना कुनबा लगातार बढ़ाने में जुटा है। सत्ता पक्ष ने विपक्ष को साफ संदेश दे दिया है कि उसकी रणनीति बचाव की नहीं, बल्कि पलटवार की है।

उधर, एनसीपीआई की सांसद सायोनी घोष ने कहा, ‘‘मैंने राजग की बैठक में भाग लिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में यह एक अत्यंत ज्ञानवर्धक बैठक थी। आज हमने मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) पर चर्चा की। यह काफी सकारात्मक चर्चा रही।’’ उन्होंने लोकसभा में आज चर्चा के लिए पेश किये जाने वाले ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक 2026’ का संदर्भ देते हुए कहा कि प्रश्नपत्र लीक रोधी इस विधेयक का सभी को समर्थन करना चाहिए।

एक अन्य सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने बताया कि यह पहला मौका था जब एनसीपीआई के 20 सांसदों को राजग की ‘मंगल मिलन’ बैठक में आमंत्रित किया गया। उन्होंने कहा, ‘‘हमें देश की प्रगति, मुक्त व्यापार समझौतों और किसानों के बारे में जानकारी दी गई… जो आंकड़े हमें प्राप्त हुए हैं, उनसे हम जनता को भी इन विषयों के बारे में बेहतर तरीके से समझा सकेंगे।’’

अभिनेत्री से नेता बनीं शताब्दी रॉय ने कहा कि बैठक में ‘‘सार्थक चर्चा’’ हुई। उन्होंने कहा, ‘‘हमने पहले ऐसी चीजें नहीं देखी थी। यह सब व्यवस्थित था। उन्होंने हमें बताया कि कौन से विधेयक आने वाले हैं। प्रधानमंत्री ने कुछ नहीं कहा।’’ वहीं शिवसेना सांसद नरेश म्हास्के ने कहा कि संबंधित मंत्रियों ने देश में व्यापार और मत्स्य पालन के क्षेत्र में हुई वृद्धि पर प्रस्तुतियां दीं।

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