ज्योतिषी

आज ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष पूर्णिमा उपरांत आषाढ़ कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि, शुभ अशुभ समय और राहुकाल

Aaj Ka Panchang 29 June 2026: आज 29 जून 2026 दिन सोमवार है. महावीर पंचांग के अनुसार शुद्ध ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष पूर्णिमा अगले दिन प्रात: 04 बजकर 35 मिनट तक रहेगी, इसके बाद आषाढ़ कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि आरम्भ हो जाएगी. आज सूर्योदय कालीन ग्रहों की स्थिति की बात करें तो चंद्रमा धनु राशि में हैं. सूर्य और बुध मिथुन राशि में मौजूद हैं. शुक्र और देव गुरु बृहस्पति कर्क राशि में हैं. मंगल वृषभ राशि में स्थित हैं. शनि मीन राशि में मौजूद हैं. राहु कुंभ राशि में तथा केतु सिंह राशि में विराजमान हैं.आइए जानते है ज्योतिषाचार्य एवं तंत्र विशेषज्ञ चंद्रशेखर सहस्रबाहु: से आज का पंचांग …

आज का पंचांग 29 जून 2026 दिन सोमवार

तिथि: अधिक शुक्ल पक्ष पूर्णिमा अगले दिन प्रात: 04 बजकर 35 मिनट तक, उपरांत प्रतिपदा तिथि
श्री शुभ संवत: 2083
शाके: 1948
हिजरी सन: 1447-48
सूर्योदय: 05:01 AM
सूर्यास्त: 06:45 PM
नक्षत्र: मूल अगले दिन प्रात: 4 बजकर 7 मिनट तक उपरांत पू. षा.
योग: शुक्ल अगले दिन प्रात: 3 बजकर 21 मिनट तक उपरांत उपरांत ब्रह्म
करण:भद्रा दोपहर 3 बजकर 23 मिनट तक उपरांत वव

सूर्योदय कालीन ग्रह विचार

सूर्य- मिथुन राशि
चंद्रमा- धनु राशि
मंगल- वृषभ राशि
बुध- मिथुन राशि
गुरु-कर्क राशि
शुक्र- कर्क राशि
शनि- मीन राशि
राहु-कुम्भ राशि
केतु-सिंह राशि

आज दिन का चौघड़िया (पटना)

अमृत – सर्वोत्तम: 05:01 Am से 06:44 Am
काल – हानि: 06:44 Am से 08:27 Am
शुभ – उत्तम: 08:27 Am से 10:10 Am
रोग – अमंगल: 10:10 Am से 11:53 Am
उद्वेग – अशुभ: 11:53 Am से 01:36 Pm
चर – सामान्य: 01:36 Pm से 03:19 Pm
लाभ – उन्नति: 03:19 Pm से 05:02 Pm
अमृत – सर्वोत्तम: 05:02 Pm से 06:45 Pm

आज का शुभ समय (मुहूर्त)

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 03:39 Am से 04:20 Am
अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:25 Am से 12:20 Pm
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:10 Pm से 03:05 Pm

आज का अशुभ समय (मुहूर्त)

राहुकाल: सुबह 06:44 Am से 08:27 Am
यमगण्ड: सुबह 10:10 Am से 11:53 Am
गुलिक काल: दोपहर 01:36 Pm से 03:19 Pm

उपाय

आज हिंदू पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा शुक्ल पक्ष की अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण तिथि है जब चंद्रमा अपने पूर्ण आकार और रोशनी में होता है. इसे बोलचाल में पूर्णमासी या पूनम भी कहा जाता है. इस दिन व्रत, स्नान, दान और पूजा-पाठ का विशेष विधान है.

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