जबलपुर में हिंदू नाम से डॉक्टरी कर रहा था मुस्लिम युवक, फर्जी पहचान से अस्पताल में नौकरी, तीन युवतियों को फंसाया

जबलपुर: मदन महल थाना क्षेत्र में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक मुस्लिम युवक ने खुद को हिंदू बताकर न सिर्फ एक निजी अस्पताल में डेंटल डॉक्टर के रूप में काम किया, बल्कि तीन युवतियों को भी अपनी फर्जी पहचान के जाल में फंसाया। आरोपी युवक का असली नाम सैयद इसाक असरार है, जो अस्पताल में ‘राजकुमार’ नाम से काम कर रहा था। स्थानीय हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने आरोपी को पकड़कर मदन महल थाने के हवाले किया, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
फर्जी पहचान पत्र भी मिले
घटनाक्रम के अनुसार, आरोपी सैयद इसाक असरार ने फर्जी नाम से पहचान पत्र भी तैयार करवा रखे थे। मदन महल थाना प्रभारी धीरज राज ने बताया कि पुलिस ने आरोपी के पास से दो अलग-अलग नामों के पहचान पत्र जब्त किए हैं। अस्पताल प्रबंधन से आरोपी के शैक्षणिक और अन्य जरूरी दस्तावेज मांगे गए हैं ताकि उसकी डॉक्टरी की डिग्री की सत्यता जांची जा सके। इसी बीच, कोलकाता की रहने वाली एक पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि आरोपी ने खुद को हिंदू बताकर और पहली पत्नी से तलाक की बात कहकर उससे गायत्री मंदिर में शादी की थी, और बाद में एक अन्य युवती के चक्कर में उसे छोड़ दिया।
खबर की अहम बातें
- आरोपी सैयद इसाक असरार जबलपुर के निजी अस्पताल में ‘राजकुमार’ बनकर काम कर रहा था।
- पुलिस ने आरोपी के पास से हिंदू और मुस्लिम दोनों नामों के संदिग्ध पहचान पत्र बरामद किए हैं।
- कोलकाता की एक युवती ने आरोपी पर मंदिर में फर्जी नाम से शादी रचाने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया।
- कोलकाता में दर्ज जीरो एफआईआर को जबलपुर पुलिस ट्रांसफर कर रही है।
- पुलिस आरोपी के डेंटल डिग्री और शैक्षणिक दस्तावेजों की प्रामाणिकता की जांच कर रही है।
अब आगे क्या होगा?
इस मामले ने इलाके में प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फर्जी पहचान के सहारे निजी अस्पतालों में नौकरी मिलना और सामाजिक स्तर पर शादियां करना स्थानीय सुरक्षा तंत्र के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। पीड़िता द्वारा कोलकाता में जीरो के तहत दर्ज कराई गई एफआईआर जबलपुर पुलिस को मिलने वाली है, जिसके बाद पुलिस धोखाधड़ी और पहचान छुपाने की अन्य धाराओं के तहत नया मुकदमा दर्ज करेगी।
संक्षेप में जानिए पूरा मामला
जबलपुर में ‘राजकुमार’ नाम से डेंटल डॉक्टर बनकर रह रहे सैयद इसाक असरार का भंडाफोड़ तब हुआ जब उसकी प्रताड़ना से तंग आकर कोलकाता की एक पीड़िता ने पुलिस से शिकायत की। आरोपी ने अपनी पहचान छुपाकर तीन युवतियों को धोखे में रखा और फर्जी पहचान पत्रों का सहारा लेकर अस्पताल में नौकरी हासिल की थी।



