ट्विशा शर्मा केस में बार काउंसिल ऑफ इंडिया का एक्शन, पति वकील समर्थ सिंह का लाइसेंस रद्द

भोपाल की ट्विशा शर्मा मौत मामले में उसके पति के खिलाफ बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने बड़ी कार्रवाई की है. BCI ने पेशे से वकील समर्थ सिंह की वकालत पर तुरंत असर से रोक लगा दी है. बार काउंसिल के मुताबिक, समर्थ सिंह और अन्य लोगों के खिलाफ दहेज हत्या, क्रूरता और जुड़े मामलों में FIR दर्ज हुई है. परिषद को यह भी जानकारी मिली है कि समार्थ सिंह जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं और फरार थे.
‘वकालत पेशे की छवि पर असर पड़ता है’
BCI ने कहा कि आरोप बहुत गंभीर हैं और इससे वकालत पेशे की छवि पर असर पड़ता है. परिषद का कहना है कि वकील सिर्फ निजी व्यक्ति नहीं होता, बल्कि अदालत से जुड़ा जिम्मेदार अधिकारी भी होता है. ऐसे में पेशे की गरिमा और लोगों का भरोसा बनाए रखना जरूरी है.
‘खुद को प्रैक्टिस करने वाला वकील भी नहीं बता सकेंगे’
बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए कहा कि आगे की जांच और अनुशासन समिति के फैसले तक समार्थ सिंह वकालत नहीं कर सकेंगे. आदेश के मुताबिक, रोक के दौरान समार्थ सिंह किसी भी अदालत, ट्रिब्यूनल या कानूनी मंच पर पेश नहीं हो पाएंगे. वे कोई केस दाखिल नहीं कर सकेंगे और खुद को प्रैक्टिस करने वाला वकील भी नहीं बता सकेंगे.
BCI ने साफ किया है कि यह फैसला कानूनी पेशे की गरिमा बनाए रखने के लिए लिया गया है. साथ ही कहा गया है कि यह आदेश आपराधिक जांच और ट्रायल से अलग है, जो कानून के मुताबिक आगे चलता रहेगा.
- 12 मई को भोपाल में ट्विशा शर्मा की मौत के बाद से समर्थ सिंह फरार था
- मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने ट्विशा के शव को दोबारा पोस्टमार्टम की इजाजत दे दी
- जबलपुर जिला अदालत में समर्थ सिंह को भोपाल पुलिस ने हिरासत में लिया
- पुलिस ने समर्थ सिंह पर 30000 रुपये का इनाम रखा था
- सरेंडर से पहले समर्थ सिंह ने अग्रिम जमानत की याचिका वापस ले ली थी
- ट्विशा शर्मा का पहला पोस्टमार्टम 13 मई को किया गया था


