NCP का होगा विलय? अजित गुट के 22 विधायकों के शरद पवार के साथ जाने की चर्चा, पार्टियों का क्या दावा

मुंबई : अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी और शरद पवार गुट के फिर एक होने जा रहा है। महाराष्ट्र की सियासत में इतने बड़े बदलाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। दावा किया गया था कि अजित पवार की पार्टी के 22 विधायक शरद पवार की एनसीपी (एनसीपी-एसपी) के संपर्क में हैं। हालांकि पार्टी ने इन खबरों को पूरी तरह झूठा और भ्रामक बताया है। पार्टी के प्रवक्ता उमेश पाटिल ने से कहा कि एक भी विधायक शरद पवार की पार्टी के संपर्क में नहीं है और न ही किसी विधायक ने राजनीतिक उद्देश्य से उनसे मुलाकात की है।
उमेश पाटिल ने यह भी बताया कि पिछले हफ्ते राज्य अध्यक्ष और सांसद सुनील तटकरे ने केवल शिष्टाचार मुलाकात के लिए शरद पवार से उनके स्वास्थ्य का हाल जानने के लिए मुलाकात की थी। तटकरे ने खुद इस मुलाकात के बाद मीडिया को यह बात स्पष्ट कर दी थी।
एनसीपी अजित पवार में यहां से उठा तूफान
एनसीपी अजित पवार में फूट की खबरें तब आईं, जब सुनेत्रा पवार के चुनाव आयोग को भेजे गए लेटर में सुनील तटकरे, प्रफुल्ल पटेल और छगन भुजबल समेत सीनियर नेताओं के नाम गायब थे। सुनेत्रा पवार ने इन पदाधिकारियों को हटाकर अपने बेटों जय पवार और पार्थ पवार को पार्टी में पदाधिकारी बताया। फूट की खबरें तब और तेज हो गईं जब सुनील तटकरे अचानक शरद पवार से मिलने पहुंच गए।
एकजुट होने का दावा
खबरों के बाद में दावा किया गया था कि एनसीपी के 22 विधायक शरद पवार की गुट में जाने की योजना बना रहे हैं। इस पर पाटिल ने पार्टी के विधायक संजय बनसोडे और प्रताप पाटिल चिखलीकर के साथ पार्टी का पक्ष रखा और कहा कि पार्टी अजित पवार के नेतृत्व में पूरी तरह एकजुट है। बिना किसी ठोस सबूत के सत्ताधारी पार्टी के विधायकों के विपक्ष में जाने की खबरें चलाना बेहद अनुचित है। उन्होंने सवाल किया कि क्या मीडिया चैनलों के पास इस बात का कोई प्रमाण है कि 22 विधायकों ने शरद पवार से मुलाकात की है। पाटिल ने आगे कहा कि एनसीपी लोकतांत्रिक मूल्यों पर काम करती है।
एनसीपी में हर किसी को अपनी राय रखने और किसी से भी मिलने की आजादी है। हमारे विधायकों पर इस बात की कोई रोक नहीं है कि वे किससे मिलें या कहां जाएं, लेकिन मीडिया का एक वर्ग जानबूझकर गलत कहानी फैला रहा है। आज दिवंगत नेता वसंत दावखरे के पुत्र प्रबोध दावखरे एनसीपी में शामिल हुए हैं। कई और कार्यकर्ता, पदाधिकारी और नेता हमारी पार्टी में शामिल होने के इच्छुक हैं।
उमेश पाटिल
शरद पवार गुट से भी आई सफाई
उमेश पाटिल ने मीडिया से अपील की कि बिना पुष्टि के अफवाहें न फैलाएं और केवल जांच के बाद ही खबरें प्रसारित करें।) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने बुधवार को कहा कि सत्ताधारी एनसीपी के साथ विलय का मुद्दा अब खत्म हो चुका है और भविष्य में इस पर किसी भी तरह की चर्चा की कोई गुंजाइश नहीं है। एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार और एनसीपी नेता सुनील तटकरे के बीच हुई बैठक के बाद नए सिरे से दोनों दलों के विलय की अटकलें लगने लगी थीं।
सत्ताधारी एनसीपी के साथ विलय का कोई सवाल ही नहीं उठता। विलय का मुद्दा अब पूरी तरह खत्म हो चुका है। मैंने यह पहले भी कहा था और मैं इसे फिर से दोहरा रहा हूं कि भविष्य में ऐसी कोई चर्चा नहीं होगी।
शशिकांत शिंदे
शरद पवार की बैठक
इधर शरद पवार ने रणनीतियों पर चर्चा करने के लिए बुधवार को मुंबई में बुलाई गई पार्टी की बैठक की अध्यक्षता की। शशिकांत शिंदे ने कहा कि पवार के नेतृत्व में पार्टी को एक मजबूत विपक्षी ताकत के रूप में तैयार करने के लिए सांसदों, विधायकों, चुनाव लड़ चुके नेताओं, पदाधिकारियों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा की गई।



