MP प्राथमिक शिक्षक भर्ती पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, निरस्त हुई मेरिट लिस्ट, हजारों फर्जी उम्मीदवारों पर गिरेगी गाज

जबलपुर: मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा आयोजित प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2025 के परिणामों को लेकर एक बड़ा कानूनी फैसला सामने आया है। जबलपुर हाईकोर्ट की जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने भर्ती प्रक्रिया में हुई कथित गड़बड़ी पर सख्त रुख अपनाते हुए वर्तमान मेरिट सूची को निरस्त कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट आदेश दिया है कि गैर-आरसीआई डिप्लोमा धारी अपात्र अभ्यर्थियों को तुरंत चयन प्रक्रिया से बाहर किया जाए और नए सिरे से मेरिट लिस्ट तैयार की जाए।
क्या था पूरा विवाद?
भर्ती विज्ञापन के नियम 7.7 के अनुसार, केवल उन्हीं उम्मीदवारों को 5 प्रतिशत बोनस अंक मिलने थे, जिनके पास भारतीय पुनर्वास परिषद यानी आरसीआई से मान्यता प्राप्त विशेष शिक्षा में डिप्लोमा हो। हालांकि, करीब 14,964 उम्मीदवारों ने खुद को इस श्रेणी में दिखाकर बोनस अंक हासिल कर लिए। याचिका में खुलासा किया गया कि पूरे मध्य प्रदेश में पोर्टल पर केवल 2,194 कार्मिक और 3,077 पेशेवर ही पंजीकृत हैं, ऐसे में 15 हजार उम्मीदवारों का दावा प्रथम दृष्टया फर्जी प्रतीत होता है।
अदालत की तल्ख टिप्पणी
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उन अपात्रों की दलील को भी खारिज कर दिया जो कह रहे थे कि उनसे जल्दबाजी में गलती हुई। जस्टिस विशाल मिश्रा ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर पकड़े जाने के बाद अंकों को कम करने या सुधार का विकल्प दिया जाता है, तो यह बेईमानी को बढ़ावा देने और ईमानदार उम्मीदवारों को दंडित करने के समान होगा।
अब विभाग को पूरी चयन प्रक्रिया को फिर से व्यवस्थित करना होगा, जिससे वास्तविक और योग्य उम्मीदवारों को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।



