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भारत ने लौटाई रूस की गैस, प्रतिबंधों के चलते खरीदने से इनकार, अब बीच समंदर फंसा रूसी टैंकर

नई दिल्ली, गैस की भारी कमी के बावजूद, भारत ने रूस से वह तरलीकृत प्राकृतिक गैस यानी एलएनजी खरीदने से मना कर दिया है, जिस पर अमरीका ने प्रतिबंध लगा रखे हैं। भारत के इस फैसले के कारण भारत आ रहा एक रूसी टैंकर अब बीच समंदर में ही फंसा हुआ है। रूस के जिस पोर्टोवाया प्लांट से यह गैस आ रही थी, उस पर अमरीकी प्रतिबंध लागू हैं। मध्य अप्रैल में कुनपेंग नाम का एक विशाल टैंकर गुजरात के दाहेज टर्मिनल के लिए निकला था। कागजों में इसे गैर-रूसी बताया गया था, लेकिन सेटेलाइट ट्रैकिंग में इसकी असलियत सामने आ गई। अब यह टैंकर बिना किसी तय मंजिल के सिंगापुर के पास समंदर में खड़ा है। 30 अप्रैल को रूस के उप-ऊर्जा मंत्री पावेल सोरोकिन भारत आए थे।

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और अन्य अधिकारियों के साथ हुई बैठक में भारत ने स्पष्ट कर दिया कि वह प्रतिबंधों के दायरे में आने वाली गैस नहीं खरीदेगा। जून में इस मुद्दे पर आगे की बातचीत हो सकती है। पिछले कुछ सालों में भारत ने रूस से सस्ता कच्चा तेल यानी क्रूड ऑयल खूब खरीदा था, लेकिन 2026 की शुरुआत में भारत ने रूस से तेल आयात घटा दिया। इसका एक बड़ा कारण अमरीका के साथ व्यापार समझौता करना था।

अमरीका भारत पर दबाव डाल रहा था कि रूसी तेल कम खरीदो। इसलिए जनवरी-फरवरी 2026 में रूस से आयात 44 महीने के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। भारत ने खाड़ी देशों और अमरीका से ज्यादा तेल खरीदना शुरू किया, लेकिन मार्च-अप्रैल में मिडिल-ईस्ट में संकट गहरा गया। ईरान जंग के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद हो गया यानी सप्लाई बहुत प्रभावित हुई। यह रास्ता भारत के लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि यहां से बड़ी मात्रा में तेल आता है।

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