संपादकीय

‘चंद अध्यापक-अध्यापिकाओं द्वारा’ छात्र-छात्राओं पर अत्याचार!

जीवन में माता-पिता के बाद अध्यापक का ही सर्वोच्च स्थान माना गया है। वही बच्चों को सही शिक्षा देकर अज्ञानी से ज्ञानवान बनाते हैं, परंतु आज चंद अध्यापक-अध्यापिकाएं अपने आदर्शों को भूल छोटी आयु से लेकर बड़ी आयु तक के छात्र-छात्राओं पर अमानवीय अत्याचार कर रहे हैं, जिसकी पिछले 5 महीनों में सामने आई चंद घटनाएं निम्न में दर्ज हैं :
* 21 अक्तूबर, 2025 को ‘चित्रदुर्ग’ (कर्नाटक) में एक सरकारी आवासीय विद्यालय में एक छात्र को अपने घर फोन करने पर बुरी तरह पीटने और लातें मारने के आरोप में पुलिस ने एक शिक्षक को गिरफ्तार किया।
* 11 नवम्बर, 2025 को ‘रीवा’ (मध्य प्रदेश) स्थित ‘जेंटल शेफर्ड हायर सैकेंडरी स्कूल’ में बीमार होने के कारण पूरा होमवर्क न कर पाने  पर नाराज अध्यापिका ‘अनामिका’ ने चौथी कक्षा की छात्रा की बेरहमी से पिटाई की जिससे उसकी एक आंख सूज गई और सिर पर गंभीर चोटें आईं।  

* 21 नवम्बर, 2025 को ‘सेमरिया’ (बिहार) में एक स्कूल की 11वीं कक्षा की छात्रा ने एक अध्यापक द्वारा उसके शारीरिक और मानसिक उत्पीडऩ से आहत होकर आत्महत्या कर ली। शिक्षक उसकी उंगलियों के बीच पैन दबा कर और हाथ पकड़ कर उससे अपमानजनक व्यवहार करता था।  
* 20 दिसम्बर, 2025 को बैकुंठपुर (छत्तीसगढ़) के एक स्कूल में होमवर्क पूरा न करने पर एक अध्यापिका ‘मनीषा विश्वकर्मा’ ने पांचवीं कक्षा के छात्र के सिर पर पानी से भरी स्टील की बोतल मार कर उसका सिर फाड़ दिया। 
* 4 फरवरी, 2026 को ‘गांधीनगर’ (गुजरात) के एक स्कूल की अध्यापिका ने होमवर्क पूरा न करने पर एक 14 वर्षीय छात्रा को इतने जोर से थप्पड़ मारा कि छात्रा के कान का पर्दा फट गया और वह स्थायी रूप से बहरी हो गई।  
* 19 फरवरी, 2026 को ‘नवी मुंबई’ (महाराष्ट्र) में ट्यूशन टीचर ने आठवीं की एक छात्रा को पहाड़े (Tables) याद न करने पर 40 डंडे मारे। 
* 21 फरवरी, 2026 को ‘लातूर’ (महाराष्टï्र) के एक स्कूल में अपनी मोटरसाइकिल को क्षति पहुंचाने के संदेह में एक अध्यापक ने 32 छात्रों को बुरी तरह पीटा जिससे अनेक छात्र घायल और बेहोश हो गए।

* 19 मार्च, 2026 को ‘हिसार’ (हरियाणा) के एक सरकारी स्कूल में छात्राओं को मुर्गा बनाने जैसी अमानवीय सजा देने का मामला सामने आया। 
*  24 मार्च, 2026 को ‘उज्जैन’ (मध्य प्रदेश) में एक आवासीय विद्यालय में एक छात्र को बैंत से बुरी तरह पीटने के आरोप में शिक्षक ‘दत्तादास रघुनाथ शेवड़े’ को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया।
* 9 अप्रैल, 2026 को ‘एटा’ (उत्तर प्रदेश) में देर से आने पर शिक्षक ‘संतोष’ ने कक्षा 3 की छात्रा ‘नित्या’ को बुरी तरह पीटा और उसके बाल खींचे।
* 12 अप्रैल, 2026 को ‘कन्नूर’ (केरल) में एक दलित डैंटल छात्र ‘नितिन राज’ ने फैकल्टी द्वारा जाति को लेकर भेदभाव और मानसिक उत्पीडऩ से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। 

* 14 अप्रैल, 2026 को ‘सोपोर’ (जम्मू-कश्मीर) में एक लैक्चरार ‘गुलाम हसन मीर’ को एक छात्रा के यौन उत्पीडऩ के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया।
* 14 अप्रैल, 2026 को ही ‘जयपुर’ (राजस्थान) के ‘नीरजा मोदी स्कूल’ की 9 वर्षीय छात्रा को शारीरिक दंड देने के परिणामस्वरूप उसकी मौत का मामला सामने आया। एक साधारण सवाल पूछने पर उसे कठोर सजा दी गई थी।
* 18 अप्रैल, 2026 को ‘आजमगढ़’ (उत्तर प्रदेश) के ‘एडिलपुर प्राथमिक विद्यालय’ में छुट्टïी के बाद एक शिक्षक कक्षा 3 के एक छात्र को गलती से क्लास में बंद करके घर चला गया। कई घंटों तक डर के मारे चीखते बच्चे की आवाज सुन कर ग्रामीणों ने आकर उसे बाहर निकाला। अध्यापकों द्वारा छात्र-छात्राओं का उत्पीडऩ व यौन उत्पीडऩ  इस आदर्श व्यवसाय पर घिनौना धब्बा है। अत: ऐसा करने वाले अध्यापकों को तुरंत कठोरतम व शिक्षाप्रद सजा दी जानी चाहिए ताकि यह दुष्चक्र रुके और छात्र-छात्राओं के प्राण व इज्जत सुरक्षित रह सकें।

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