अंतर्राष्ट्रीय

 तारीख तय… सबसे बड़ी शर्त मान गया ईरान! अमेरिका का पीस टॉक-2 पर नया ऐलान, ट्रंप ने लगाई मुहर 

अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में हुई पहले दौर की बातचीत तो फेल हो चुकी है, लेकिन अब कयास लगाए जा रहे हैं कि दूसरे दौर की बातचीत जल्दी शुरू हो सकती है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान बातचीत के लिए उत्सुक है और उसने वार्ता के लिए अमेरिका को एक बार फिर संदेश भेजा है. वहीं उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी कहा है कि इस्लामाबाद टॉक में ईरान के साथ समझौते में कुछ प्रगति हुई है. अमेरिकी नेताओं के ये बयान दिखाते हैं कि ईरान के साथ अमेरिका की बातचीत जल्दी हो सकती है.  

ट्रंप ने दूसरे दौर की बातचीत पर क्या कहा?

ट्रंप ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘वे समझौता करने के लिए बहुत उत्सुक हैं. हमें दूसरी तरफ से संदेश मिला है. हमने नाकाबंदी कर रखी है. वे कोई कारोबार नहीं कर रहे हैं. ईरान बिल्कुल भी कारोबार नहीं कर रहा है और हम इसे ऐसे ही बनाए रखेंगे. अभी कोई लड़ाई नहीं हो रही है.’

यूएस प्रेसिडेंट ने दोहराया कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होंगे. उन्होंने कहा कि अगर वे सहमत नहीं होते तो कोई समझौता नहीं होगा. उन्होंने कहा कि हम किसी देश को दुनिया को ब्लैकमेल करने की इजाजत नहीं दे सकते. हम ऐसा होने नहीं देंगे.

वेंस बोले- ईरान के साथ बातचीत में प्रगति हुई

वहीं अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि ईरान ने परमाणु मुद्दे पर बातचीत में कुछ प्रगति दिखाई है यानी ये क्लीयर है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का रास्ता साफ हो रहा है. उन्होंने कहा कि हम इस प्रक्रिया को एक बड़े और सफल समझौते के माध्यम से समाप्त करना चाहते हैं और राष्ट्रपति ट्रंप इस प्रक्रिया को लंबा खींचने का इरादा नहीं रखते हैं. हालांकि उन्होंने ये भी कहा है कि वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए ईरान को ही कदम आगे बढ़ाने होंगेअमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में हुई पहले दौर की बातचीत तो फेल हो चुकी है, लेकिन अब कयास लगाए जा रहे हैं कि दूसरे दौर की बातचीत जल्दी शुरू हो सकती है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान बातचीत के लिए उत्सुक है और उसने वार्ता के लिए अमेरिका को एक बार फिर संदेश भेजा है. वहीं उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी कहा है कि इस्लामाबाद टॉक में ईरान के साथ समझौते में कुछ प्रगति हुई है. अमेरिकी नेताओं के ये बयान दिखाते हैं कि ईरान के साथ अमेरिका की बातचीत जल्दी हो सकती है.  

ट्रंप ने दूसरे दौर की बातचीत पर क्या कहा?

ट्रंप ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘वे समझौता करने के लिए बहुत उत्सुक हैं. हमें दूसरी तरफ से संदेश मिला है. हमने नाकाबंदी कर रखी है. वे कोई कारोबार नहीं कर रहे हैं. ईरान बिल्कुल भी कारोबार नहीं कर रहा है और हम इसे ऐसे ही बनाए रखेंगे. अभी कोई लड़ाई नहीं हो रही है.’

यूएस प्रेसिडेंट ने दोहराया कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होंगे. उन्होंने कहा कि अगर वे सहमत नहीं होते तो कोई समझौता नहीं होगा. उन्होंने कहा कि हम किसी देश को दुनिया को ब्लैकमेल करने की इजाजत नहीं दे सकते. हम ऐसा होने नहीं देंगे.

वेंस बोले- ईरान के साथ बातचीत में प्रगति हुई

वहीं अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि ईरान ने परमाणु मुद्दे पर बातचीत में कुछ प्रगति दिखाई है यानी ये क्लीयर है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का रास्ता साफ हो रहा है. उन्होंने कहा कि हम इस प्रक्रिया को एक बड़े और सफल समझौते के माध्यम से समाप्त करना चाहते हैं और राष्ट्रपति ट्रंप इस प्रक्रिया को लंबा खींचने का इरादा नहीं रखते हैं. हालांकि उन्होंने ये भी कहा है कि वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए ईरान को ही कदम आगे बढ़ाने होंगे.

तारीख और जगह पर विचार कर रहा अमेरिका: रिपोर्ट 

अमेरिकी मीडिया CNN की रिपोर्ट के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के अधिकारी ईरान के साथ संभावित दूसरी आमने-सामने बैठक की तैयारियों पर आंतरिक स्तर पर चर्चा कर रहे हैं. यह बैठक वॉशिंगटन और तेहरान के बीच लागू सीजफायर के अगले सप्ताह समाप्त होने से पहले आयोजित की जा सकती है. अमेरिकी अधिकारियों की ओर से संभावित तारीखों और जगहों पर विचार किया जा रहा है, बशर्ते कि आने वाले दिनों में ईरान और क्षेत्रीय मध्यस्थों के साथ चल रही बातचीत में प्रगति होती है. रिपोर्ट के मुताबिक, जिनेवा और इस्लामाबाद अगली वार्ता के संभावित स्थानों के रूप में सामने आए हैं. रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि तुर्किए अमेरिका और ईरान के बीच दूरी कम करने का प्रयास कर रहा है.

इस बार पाकिस्तान में नहीं होगी बैठक?

एसोसिएटेड प्रेस ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया है कि अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद या फिर जेनेवा में दूसरे दौर की बातचीत हो सकती है. यह वार्ता 16 अप्रैल यानी दो दिन बाद ही संभव है. हालांकि आधिकारिक तौर पर अब तक ये तय नहीं हुआ है कि बैठक किस देश में और कब होगी. इस्लामाबाद में हुई वार्ता के दौरान अमेरिका ने ईरान से 20 वर्षों तक यूरेनियम संवर्धन बंद करने और अपने उच्च स्तर के संवर्धित भंडार को देश से हटाने की मांग की थी, जबकि ईरान ने कम अवधि और नियंत्रित तरीके से उसे कम करने का प्रस्ताव रखा. इसी मुद्दे पर मतभेद के कारण समझौता नहीं हो सका. हालांकि अब ये भी सामने आया है कि ईरान न्यूक्लियर संवर्द्धन पर कुछ झुकने के लिए तैयार हो गया है..

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