MP Congress: मतगणना से पहले कांग्रेस उम्मीदवारों को एक्सेल शीट तैयार करने के निर्देश, काउंटिंग को लेकर सतर्कता

प्रदेश में लोकसभा चुनाव के चारों चरणों की वोटिंग पूरी होने के बाद कांग्रेस अब मतगणना को लेकर सतर्कता दिखा रही है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि मतदान के 11 दिन बाद चुनाव आयोग ने वोटिंग का डेटा जारी किया है। ऐसे में देश भर में करीब एक करोड़ वोटों का अंतर आया है। कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष और रिसर्च विंग के चेयरमैन भूपेंद्र गुप्ता ने कांग्रेस के उम्मीदवारों को कहा है कि मतगणना होने के पहले अपनी एक्सेल शीट तैयार करें। ताकि आंकड़ों की अगर कुछ गड़बड़ी हो तो उन्हें पकड़ा जा सके। उस पर लीगल तरीके से लड़ाई लड़ी जा सके।
उन्होंने कहा है कि फॉर्म 17सी को संयोजित करके रखें। उसके आधार पर पूरी एक्सेल शीट बनाएं। उसी एक्सेल शीट में पोलिंग एजेंट के हस्ताक्षर का नमूना भी एक कॉलम में रखें, ताकि आपके काउंटिंग एजेंट के सामने जब मशीन रखी जाए तो उन पर हस्ताक्षर का भी मिलान कर सके। उस मिलान के बाद उस पेटी को खोलें और उसके बाद फाइनल काउंटिंग कराई जाए।
तैयारी पूरी रखने के लिए कहा
भूपेन्द्र गुप्ता ने बताया कि हमने अपने प्रत्याशियों से निवेदन किया है कि वह यह सारी तैयारियां एडवांस में करके काउंटिंग के समय जाएं, ताकि काउंटिंग एजेंट फाॅर्म से डेटा और जानकारी को वेरीफाई कर सकें। चुनाव के दौरान फार्म 17सी और 17ए दो तरह के फॉर्म भरवाए जाते हैं। 17ए फॉर्म में कितने स्त्री, कितने पुरुष, कितने थर्ड जेंडर हैं, इनके मतों का सेग्रीगेशन होता है। 17सी में टोटल कितने वोट डले। मशीन की बैटरी की परसेंटेज क्या है, यह सारी चीजें क्लोज करते टाइम रिकॉर्ड की जाती है। उसकी सर्टिफाइड कॉपी दी जाती है। उस समय जब काउंटिंग होती है, उस समय जो है इनका मिलान जो है संभव नहीं होता है। अगर आपके पास तत्काल रेफरेंस में फाॅर्म 17सी की कॉपी नहीं होगी तो मिलान नहीं हो पाएगा।



