महाराष्ट्र में शिवसेना पदाधिकारी सोनू कल्याणकर की हत्या, 3 दिन में 5 हत्या से दहला नांदेड़

छत्रपति संभाजीनगर: महाराष्ट्र के नांदेड़ में एक बड़ी घटना सामने आई है। यहां पर शिवसेना के पदाधिकारी सोनू कल्याणकर की हत्या कर दी गई। चौंकानेवाली बात है कि पिछले तीन दिनों में नांदेड़ शहर में पब्लिक प्लेस पर हुई यह पांचवीं हत्या है। हालांकि पुलिस ने घटना के कुछ ही घंटों के भीतर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें से एक आरोपी को शहर के बाहरी इलाके में पीछा करने के दौरान पुलिस ने पैर में गोली मारकर पकड़ा।
35 साल के सोनू कल्याणकर सुबह 5:30 बजे के बाद व्यस्त श्रीनगर इलाके में सैर पर निकले थे। घात लगाए बैठे आरोपियों ने उनके ऊपर हमला किया। पुलिस ने बताया कि आरोपी उसकी दिनचर्या पर पहले से नज़र रखे हुए थे। उन्होंने ‘कुमार ड्रेसेस’ के पास सोनू को रोका। उन्होंने सोनू कल्याणकर पर 17 से ज़्यादा बार चाकू से वार किए।
शरीर पर चाकू से 17 वार
शरीर पर 17 घाव होने के चलते उसका बहुत ज़्यादा खून बह गया। वहां से गुज़र रहे लोगों ने सोनू को ITI चौक के पास एक निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि कल्याणकर के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज थे।
कनाल रोड पर हुआ था ट्रिपल मर्डर
नांदेड़ में यह ताज़ा हत्या शनिवार तड़के ‘कनाल रोड’ पर हुई तिहरे हत्याकांड के बाद हुई है। वह तिहरा हत्याकांड दो गुटों के बीच हुई गैंगवार का नतीजा था। इसके 24 घंटे के भीतर ही रविवार को ‘मुरमुरा गली’ इलाके में एक और युवक, रणजीतसिंह तबेलेवाले की हत्या कर दी गई। इस हमले में तलवारों और कटारों का इस्तेमाल किया गया था। सोमवार को हुई हत्या से इलाके के लोगों में दहशत और बढ़ गई है, खासकर इसलिए क्योंकि हाल की सभी घटनाओं में सार्वजनिक जगहों पर धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया गया है।
पुलिस ने दौड़ाकर पकड़ा
इस ताज़ा मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रसाद शिंदे, कृष्ण जोगदंड, रवि लोध और आकाश उर्फ अंकुश गंधमवार के रूप में हुई है। एक गुप्त सूचना के आधार पर, स्थानीय क्राइम ब्रांच की टीम ने गंधमवार को ‘झारी गांव’ के पास ढूंढ निकाला। पुलिस को देखते ही उसने पास के खेतों की ओर भागने की कोशिश की और कथित तौर पर पुलिस पर गोली चलाने का प्रयास किया, लेकिन उसकी बंदूक से चली गोली मिसफायर हो गई।
पुरानी रंजिश में हत्या
नांदेड़ के पुलिस अधीक्षक अविनाश कुमार ने बताया कि जब आरोपी ने दोबारा गोली चलाने की कोशिश की, तो सब-इंस्पेक्टर मिलिंद सोनकांबले ने अपनी और टीम के साथ-साथ आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए आत्मरक्षा में कमर के नीचे गोली चला दी। गोली गंधमवार के घुटने के पास लगी, जिसके बाद उसे पुलिस की निगरानी में एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच से पता चला है कि इस हत्या की वजह कोई पुराना विवाद था। नवरात्रि के दौरान आरोपी और मृतक के बीच झगड़ा हुआ था, जिसके बाद कुछ दिन पहले फिर से बहस हुई। ऐसा लगता है कि इसी रंजिश के चलते यह हमला किया गया। हालांकि, हम इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि क्या इसके पीछे कोई बड़ी साज़िश है।
इस मामले में सीधे तौर पर शामिल चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है। उन्हें एक मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया। हमलावरों ने पुलिस पर फायरिंग की लेकिन मिस फायर से पुलिस की टीम बच गई। एक अपराधी के पैर में गोली लगी है। अगर किसी की परोक्ष संलिप्तता या किसी बड़ी साज़िश का पता चलता है, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।



