महाराष्ट्र

जैन धर्म हिंदू संस्कृति का हिस्सा, अब यह समाज अल्पसंख्यक दर्जे से बाहर आने पर करे विचार-लोढ़ा 

मुंबई: महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने जैन समाज को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जैन धर्म मूलतः हिंदू संस्कृति का ही हिस्सा है और अब जैन समाज को अल्पसंख्यक दर्जे से बाहर आने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि भारत में विभिन्न जाति और धर्म मौजूद हैं, लेकिन उनकी जड़ें एक ही सांस्कृतिक विचारधारा से जुड़ी हैं। जैन धर्मियों की पूजा पद्धति अलग हो सकती है, परंतु वे सांस्कृतिक रूप से हिंदू ही हैं।

कांग्रेस पर बोला हमला
बीजेपी की महायुति सरकार के कैबिनेट मंत्री लोढ़ा ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक केशव बलीराम हेडगेवार की जयंती का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं। जब तक हिंदू समाज एकजुट नहीं होगा, तब तक सशक्त राष्ट्र निर्माण संभव नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इतिहास में मुगलों और अंग्रेजों ने फूट डालो और राज करो की नीति अपनाई, जिससे समाज में विभाजन पैदा हुआ। आजादी के बाद भी कांग्रेस ने इसी नीति को आगे बढ़ाते हुए हिंदू समाज को जाति और धर्म के आधार पर बांटने का काम किया।

जैन समाज की जनसंख्या घटना, राजनीतिक षड्यंत्र का परिणाम
उन्होंने कहा कि जैन और हिंदू समाज, जो विश्व को मानवता और अहिंसा का संदेश देते हैं, उनके बीच भी राजनीतिक कारणों से दूरी बनाई गई। मुस्लिम समाज में भी अनेक जातियां हैं, लेकिन वहां कांग्रेस ने इस प्रकार का विभाजन नहीं किया बल्कि उन्हें जोड़ा। दक्षिण भारत का उदाहरण देते हुए लोढ़ा ने कहा कि एक समय वहां जैन समाज की जनसंख्या 22-23 प्रतिशत थी, जो अब घटकर लगभग 3 प्रतिशत रह गई है। इसे उन्होंने राजनीतिक षड्यंत्र का परिणाम बताया।

राम जन्मभूमि आंदोलन का जिक्र
राम जन्मभूमि आंदोलन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उस दौरान विभिन्न समुदायों में हम हिंदू हैं की भावना मजबूत हुई। आज भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में धार्मिक समरसता को बरकरार रखते हुए, सभी भेद मिटाते हुए हिन्दुओं को एक साथ आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है। उन्होंने बताया कि इस विषय पर कई जैन मुनियों और समाज के प्रमुख लोगों से चर्चा की गई है और अल्पसंख्यक दर्जे से बाहर आने के प्रस्ताव पर विचार-विमर्श जारी है। यदि इस पर व्यापक सहमति बनती है, तो आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पर भी विचार किया जाएगा।

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