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डिजिटल अरेस्ट, फर्जी IPO और ट्रेडिंग स्कैम का बड़ा भंडाफोड़, 10.6 करोड़ की ठगी का खुलासा

दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने देश के कई राज्यों में फैले बड़े साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट,फर्जी IPO और ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इन गिरोहों के खिलाफ कुल 4 एफआईआर दर्ज की गई थीं, जिनसे जुड़ी 89 शिकायतों में करीब 10.6 करोड़ रुपये की ठगी सामने आई है.

दिल्ली पुलिस ने रांची और उत्तराखंड समेत कई राज्यो में की है छापेमारी

दिल्ली  पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान झारखंड के रांची, उत्तराखंड के रुड़की व देहरादून, राजस्थान के कोटा, मध्य प्रदेश के भोपाल, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में छापेमारी की.  पहले मामले में एक बुजुर्ग दंपती को ठगों ने खुद को TRAI और CBI अधिकारी बताकर करीब एक हफ्ते तक डराया और फर्जी वारंट दिखाकर डिजिटल अरेस्ट का डर पैदा किया. 

डर के कारण दंपती ने 20 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए. जांच में पता चला कि 18.5 लाख रुपये रांची के शशिकांत कुमार के खाते में गए थे जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है.

व्हाट्सऐप ग्रुप से ठगी कर लोगो से उड़ाए लाखो रुपये 

दूसरे मामले में एक व्यक्ति को व्हाट्सऐप ग्रुप और फर्जी PM HDFC ऐप के जरिए IPO में निवेश का लालच देकर 7.79 लाख रुपये ठग लिए गए. इस मामले में रुड़की से खालिद त्यागी को गिरफ्तार किया गया. जो साइबर ठगों के लिए फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराता था. तीसरे मामले में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 1.88 लाख रुपये की ठगी की गई थी. 

दिल्ली पुलिस ने शाहदरा से किया आरोपी को किया गिरफ्तार

जांच के बाद दिल्ली के शाहदरा से सचिन मित्तल को गिरफ्तार किया गया. चौथे मामले में SIM मिसयूज का डर दिखाकर एक व्यक्ति से 8 लाख रुपये ठग लिए गए थे. इस केस में पुलिस ने आसिफ, नितिन सैनी और वीरेंद्र मुखिया को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने अब तक करीब 19 लाख रुपये बरामद कर पीड़ितों को कोर्ट के आदेश से वापस कर दिए हैं. साथ ही आरोपियों के मोबाइल फोन, चेकबुक और पेन ड्राइव भी जब्त की गई हैं. पुलिस अब गिरोह के मुख्य सरगना और अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है.

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