व्यापार

टफन ग्लास तक पहुंची ईरान युद्ध की आग, 120 से बढ़कर 320 रुपये प्रति फीट तक हुई कीमत

मुंबईः अंतरराष्ट्रीय हालात का असर अब निर्माण क्षेत्र से जुड़े कारोबारों पर भी दिखाई देने लगा है। खासकर टफन ग्लास के व्यापार पर इसका सीधा प्रभाव पड़ा है। कमर्शियल सिलेंडर की किल्लत और कच्चे माल की कीमत में इजाफा होने से उत्पादन लागत बढ़ी है। इसके कारण कारोबारियों को वैकल्पिक व्यवस्था अपनानी पड़ रही है।

टफन ग्लास के होलसेलर सचिन चौबे के अनुसार, युद्ध से पहले प्लेन ग्लास की कीमत लगभग 120 रुपये प्रति फीट थी, लेकिन हालात बदलने के बाद टफन ग्लास की कीमत बढ़कर 280 से 320 रुपये प्रति फीट तक पहुंच गई है। कीमतों में अचानक बढ़ोतरी के कारण ग्राहकों की मांग में भी कभी देखने को मिल रही है।

और पड़ सकता है असर

टफन ग्लास से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि अगर यही स्थिति बनी रही तो आने वाले समय में इस व्यापार पर और असर पड़ सकता है। बता दें कि घर और ऑफिस निर्माण वाहनों के ग्लास और इंटीरियर वर्क में टफन ग्लास का इस्तेमाल सबसे अधिक किया जाता है।

गैस सिलेंडर पर इसलिए निर्भर

चौबे ने बताया कि टफन ग्लास का अधिकतर माल दक्षिण भारत से आता है। कमर्शियल गैस के इस्तेमाल से भट्टी में तेज तापमान पर गर्म कर प्लेन ग्लास को टफन ग्लास में बदला जाता है। लेकिन गैस और अन्य लागत बढ़ने के कारण इसका उत्पादन महंगा हो गया है। बढ़ती कीमतों के कारण अब कई ग्राहक टफन ग्लास की जगह 4 एमएम साधारण ग्लास और एल्यूमिनियम फ्रेम का इस्तेमाल करने लगे हैं। इससे टफन ग्लास की बिक्री में 20 से 25% तक गिरावट दर्ज की गई है।

दाम 6 रुपये प्रति एमएम तक बढ़े

घाटकोपर स्थित रॉयल ग्लास के मालिक देवजी बोराना के अनुसार, ग्लास बनाने की प्रक्रिया पूरी तरह गैस और ऊर्जा पर निर्भर होती है। पिछले कुछ समय से गैस की सप्लाई में कमी और कीमतों में बढ़ोतरी के कारण उत्पादन लागत काफी बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि ग्लास फैक्ट्रियों में भट्टियां 24 घंटे चलती हैं और इसमें प्राकृतिक गैस PNG या LPG का उपयोग होता है।

गैस महंगी होने से सीधे उत्पादन लागत बढ़ जाती है, जिसका असर बाजार भाव पर पड़ता है। देवजी बोराना के मुताबिक, पहले जहां धीरे-धीरे कीमत बढ़ रही थी, अब कंपनियों ने एक साथ 6 रुपये प्रति एमएम तक बढ़ोतरी कर दी है। बोराना बताते हैं कि ग्राहक अब ऑर्डर देने में संकोच कर रहे हैं। कई लोग पुराने रेट पर ही काम करवाना चाहते हैं, जिससे बाजार में मंदी का माहौल बन रहा है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button