दिल्ली के मंडावली इलाके में अवैध रेहड़ी-पटरी लगाने पर हाईकोर्ट ने MCD से कहा- कार्रवाई करें

नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने हाल ही में एमसीडी को मंडावली इलाके में अवैध रूप से लगने वाली रेहड़ी-पटरी और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। जस्टिस अमित बंसल ने एमसीडी और पीडब्ल्यूडी को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए चार हफ्तों का समय दिया है। मामले में अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी। 23 जनवरी को सुनवाई के दौरान स्पेशल टास्क फोर्स की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि एमसीडी ने अतिक्रमण के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।
हाई कोर्ट एडवोकेट जय चौधरी की याचिका पर विचार कर रहा था। एडवोकेट उत्कर्ष सोनी और सिद्धार्थ गोयल के जरिए दायर याचिका में इस बात की शिकायत की गई है कि श्री राम चौक, मंडावली, ईस्ट दिल्ली में मेन सड़क पर लगातार अतिक्रमण और अनधिकृत पार्किंग से वहां रहने वालों की सुरक्षा को गंभीर खतरा है। इमरजेंसी वाली गाड़ियों के आने-जाने में रुकावट आती है, और आवाजाही बाधित होती है। याचिका में एमसीडी के अलावा, प्रीत विहार के एसडीएम, डीडीए की स्पेशल टास्क फोर्स और दिल्ली सरकार के पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट को प्रतिवादी बनाया गया है।
अतिक्रमण से परेशान आम लोग
याचिकाकर्ता के मुताबिक, गांव तक पहुंचने वाली मेन सड़क, जो श्री राम चौक, मंडावली से शुरू होती है, एकमात्र सुलभ और गाड़ियों के चलने लायक सड़क है। यही सड़क अंदर के रिहायशी इलाकों और स्कूल को शहर की मेन सड़कों से जोड़ती है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि वह अपने परिवार के सदस्यों के साथ मंडावली इलाके में रहते हैं और यहां के स्थायी निवासी है। श्री राम चौक पर मेन रोड का स्थायी रूप से इस्तेमाल करते हैं। यह सड़क स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और कामकाजी नागरिकों के रोजाना आने-जाने के लिए बहुत जरूरी है।



