टैरिफ हटाने पर कैसे झुका अमेरिका, हो गया खुलासा, एक्सपर्ट ने बताई भारत की बड़ी जीत

वॉशिंगटन: भारत और अमेरिका ने दुनिया को चौंकाते हुए ट्रेड डील की घोषणा की है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि भारतीय सामानों पर अमेरिकी टैरिफ को घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है। एक्सपर्ट इसे भारत के लिए बड़ी जीत मान रहे हैं। साथ ही एक्सपर्ट इसे ईरान से लेकर यूरोप तक अमेरिका के तनाव से भी जोड़ रहे हैं। एक्सपर्ट का कहना है कि भारत सही मौके पर सही तरीके से दबाव बनाने में कामयाब रहा है, जिसका नतीजा यह डील है।
अमेरिकी लेखक और जर्नलिस्ट सदानंद धुमे ने एक्स पर लिखा है, ‘जिसकी तारीफ बनती है, उसकी तारीफ होनी चाहिए। सजा देने वाले अमेरिकी टैरिफ को खत्म करने के लिए बातचीत करना और वियतनाम-बांग्लादेश जैसे कॉम्पिटिटर्स से बेहतर रेट हासिल करना मोदी सरकार के लिए बड़ी डिप्लोमैटिक/इकोनॉमिक जीत है। साथ ही यह सर्जियो गोर के भारत में बतौर राजदूत कार्यकाल की एक शानदार शुरुआत है।’
अमेरिका पर कैसे बना दबाव
विशेषज्ञ मान रहे हैं कि भारत-यूरोपीय संघ की डील ने अमेरिका पर दबाव के आखिरी पॉइंट की तरह काम किया। इस फ्री-ट्रेड एग्रीमेंट से दिल्ली को फायदा हुआ और वॉशिंगटन को पीछे छूट जाने का डर सताया। ईरान के साथ संघर्ष ने भी अमेरिका को बाक दुनिया में जोखिम करने के लिए प्रेरित किया। इसका नतीजा हुआ कि भारत पर अमेरिका अपने टैरिफ 18 फीसदी तक लाने पर सहमत हुआ।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि भारत ने रूस से तेल खरीद रोकने का भरोसा दिया है। हालांकि अमेरिकी विश्लेषक माइकल कुगलमैन इससे सहमत नहीं हैं। माइकल ने कहा है, ‘मुझे इस पर शक है कि मोदी रूसी तेल खरीदने पर सहमत हुए हैं, जैसा ट्रंप ने दावा किया है। ये सही है कि भारत ने नवंबर के बाद से रूसी तेल का आयात कम किया है। इससे और राजदूत गोर के दबाव से उन्हें डील पूरी करने में मदद मिली होगी।
डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा है
अमेरिकी प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, ‘प्रधानमंत्री मोदी के प्रति मित्रता के कारण और उनके अनुरोध पर तत्काल प्रभाव से अमेरिका और भारत के बीच व्यापार समझौते पर सहमति बनी है। इसके तहत अमेरिका टैरिफ शुल्क को 25 से घटाकर 18 प्रतिशत कर रहा है। भारत के साथ हमारे संबंध आगे चलकर और भी मजबूत होंगे।’



