‘रील बनाने के चक्कर में’ जिंदगियां गंवा रहे युवा!…

आज सोशल मीडिया का जमाना है और बड़ी संख्या में युवक-युवतियों पर चर्चा में आने का जुनून सवार है। रील बनाने वाले युवा उल्टी-सीधी हरकतों से कभी तो लोगों के मनोरंजन का साधन बनते हैं और कभी रील बनाने के चक्कर में घायल हो जाते हैं या अपने प्राण तक गंवा बैठते हैं, जिनकी पिछले 7 महीनों की घटनाएं निम्न में दर्ज हैं :
* 26 जून, 2025 को ‘बेंगलूरू’ (कर्नाटक) के ‘प्रापन्ना अगरहारा’ में अपने दोस्तों के साथ एक निर्माणाधीन 13 मंजिल ऊंची इमारत की छत पर ‘लेट नाइट पार्टी’ करने के दौरान रील बना रही एक युवती संतुलन बिगड़ जाने के परिणामस्वरूप नीचे गिर जाने से मारी गई।
* 19 अगस्त, 2025 को ‘चेन्नई’ (तमिलनाडु) के ‘पल्लावरम’ में रील बनाने के लिए मोटरसाइकिल की पिछली सीट पर बैठ कर स्टंट कर रहे ‘सुहैल रशीद’ नामक युवक का मोटरसाइकिल असंतुलित होकर एक अन्य मोटरसाइकिल से टकरा जाने के परिणामस्वरूप उसकी मौत हो गई जबकि दोनों मोटरसाइकिलों पर सवार 4 अन्य युवक घायल हो गए।
* 21 अक्तूबर, 2025 को ‘पुरी’ (ओडिशा) के ‘जनकदेवपुर’ रेलवे स्टेशन पर रेल पटरी के बीच में खड़ा होकर रील बना रहे ‘विश्वजीत साहू’ नामक एक 15 वर्षीय लड़के की ट्रेन से टकरा कर मौत हो गई।
* 26 अक्तूबर, 2025 को ‘मंडी’ (हिमाचल प्रदेश) में ‘कीरतपुर-मनाली फोरलेन’ की ‘मलोरीटनल’ के पास रील बनाने के लिए बाइक पर स्टंट करने के दौरान एक युवक संतुलन बिगड़ जाने से जमीन पर गिर गया और गर्दन टूट जाने के परिणामस्वरूप उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
* 31 अक्तूबर, 2025 को ‘बुलढाणा’ (महाराष्टï्र) के ‘आलसना’ गांव के निकट चलती रेलगाड़ी के सामने रील बनाने के दौरान 2 युवकों के उसकी चपेट में आ जाने से ‘मोहम्मद नदीम’ नामक युवक की मौके पर ही मृत्यु तथा दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।
* 3 दिसम्बर, 2025 को ‘रायसेन’ (मध्य प्रदेश) में रील बनाने के लिए 50 फुट ऊंचे पुल पर चढ़ा युवक संतुलन बिगड़ जाने के कारण नीचे गिर गया जिससेे उसकी रीढ़ की हड्डïी टूट जाने और सिर में गंभीर चोट लगने के कारण मौत हो गई।
कुछ ही दिनों के भीतर रायसेन जिले में रील बनाने के चक्कर में होने वाली यह तीसरी मौत है। इससे पहले जिले के ‘हलाली डैम’ में रील बनाते समय डूब जाने से भोपाल के 2 युवकों तथा एक अन्य दुर्घटना में ‘सेहतगंज’ के निकट रील बनाते समय एक युवती की चट्टïानों से फिसल कर ‘महादेव झरने’ में गिर कर मौत हो गई थी।
* 25 जनवरी, 2026 को ‘संत कबीर नगर’ (उत्तर प्रदेश) के ‘सेमरियावां’ गांव में रील बनाने के दौरान 2 युवकों की बेकाबू हुई कार नहर में जा गिरी जिससे दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।
* 31 जनवरी, 2026 को ‘बरेली’ (उत्तर प्रदेश) के ‘नवाबगंज’ में ‘फैजान’ नामक 22 वर्षीय युवक की निर्माणाधीन फ्लाईओवर पर खड़े होकर रील बनाते समय फिसल कर गिर जाने के बाद उसके सिर पर भारी स्लैब गिरने से उसका सिर कुचला गया और घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई।
* और अब 1 फरवरी, 2026 को ‘दुर्ग’ (छत्तीसगढ़) के छावनी थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया पर रील बनाने को लेकर पति-पत्नी के बीच हुए विवाद के बाद ‘अंजलि साव’ नामक महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उपरोक्त घटनाओं से स्पष्टï है कि पिछले कुछ समय के दौरान रील बनाने के रुझान और इससे होने वाली दुर्घटनाओं में भारी वृद्धि हुई है जिससे इस मामले में सावधानी बरतने के बारे में सोचने की आवश्यकता पहले से भी बढ़ गई है। इस संबंध में हम युवाओं को यही सलाह देंगे कि वे अपनी जान जोखिम में डाल कर इस प्रकार के स्टंट न करें क्योंकि उनकी इस तरह की भूलें उनके परिवारों को जिंदगी भर की पीड़ा दे सकती हैं।



