कल्याण-डोंबिवली में एकनाथ शिंदे ने राज ठाकरे संग किया गठबंधन, KDMC के विकास के लिए बताया जरूरी

मुंबई : कल्याण-डोंबिवली मनपा (केडीएमसी) में राज ठाकरे की मनसे (महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना) के साथ हाथ मिलाने पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा है कि कल्याण-डोंबिवली के विकास के लिए हम राज ठाकरे के साथ आए हैं। हालांकि, हमने वहां बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था और हम दोनों मिलकर ही सत्ता स्थापित करेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य की अधिकतर मनपाओं में महायुति का ही महापौर बनेगा।
दरअसल, बीते दिनों केडीएमसी में सत्ता हासिल करने के लिए शिंदे सेना ने राज ठाकरे की मनसे के साथ बातचीत को आगे बढ़ाया। इस पर बीजेपी ने दबी जुबान से नाराजगी प्रकट की। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण को बयान देना पड़ा कि केडीएमसी के बारे में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे निर्णय लेंगे। इस पर शिंदे ने कहा कि यह समर्थन शहर के विकास के लिए लिया गया है।
शिंदे ने यादव दिलाई वह बात
एकनाथ शिंदे ने याद दिलाया कि शिवसेना-बीजेपी की विचारधारा बालासाहेब ठाकरे से लेकर अटल बिहारी वाजपेयी, आडवाणी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक चली आ रही है। 2019 में जनमत के खिलाफ जाकर सरकार बनाने वालों को जनता ने अब जवाब दे दिया है। शुक्रवार को स्व. बालासाहेब ठाकरे की जन्मशताब्दी पर शिंदे ने प्रेस कांफ्रेंस कर विपक्ष को आड़े हाथों लिया।
महायुति के सत्ता में आने का दावा
उद्धव सेना के नेता भास्कर जाधव ने बीएमसी में ठाकरे गुट की सत्ता के लिए शिंदे गुट से समर्थन की अपील की थी। इस पर शिंदे ने कहा कि हमें किसी के प्रस्ताव की जरूरत नहीं है। मुंबई और अन्य मनपाओं में बीजेपी और शिंदे की महायुति ही सत्ता में आएगी। चुनाव नतीजों पर शिंदे ने कहा कि चुनाव में किसे फायदा हुआ और किसे नुकसान, यह नतीजों से साफ दिखाई देता है।
राज ठाकरे ने स्वार्थ नहीं देखा: शिंदे
‘राजनीति में निष्ठाएं आसानी से बिक जाती है’ वाले राज ठाकरे के बयान पर शिंदे ने कहा कि उन्होंने राज ठाकरे की सोशल मीडिया पोस्ट पढ़ी है। राज ठाकरे कभी व्यक्तिगत लाभ देखकर निर्णय नहीं लेते। उन्होंने कभी निजी स्वार्थ नहीं देखा। मुंब्रा की नवनिर्वाचित नगरसेविका के बयान पर शिंदे ने कहा कि ठाणे भगवा है और रहेगा।



