IG स्टेडियम में चल रहा है बैडमिंटन इंडिया ओपन, विदेशी खिलाड़ी ने बदबू, गंदगी पर उठाए सवाल

नई दिल्ली: दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में इंडिया ओपन सुपर-750 बैडमिंटन चैंपियनशिप चल रही है। 18 जनवरी तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में 20 देशों के कुल 256 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। इसी बीच स्टेडियम एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया है। दरअसल डेनमार्क की खिलाड़ी मिया ब्लिचफेल्ड ने अपना R32 मैच जीतने के बाद स्टेडियम की आलोचना करते हुए कहा कि पिछले साल से स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है और उन्होंने बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) से बड़े टूर्नामेंट से पहले वेन्यू पर ध्यान देने का भी आग्रह किया।
मिया के अलावा डेनमार्क के ही खिलाड़ी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि उन्होंने लगातार तीसरे साल दिल्ली में प्रदूषण की बुरी स्थिति के कारण इंडिया ओपन में ना आने का फैसला लिया था और कहा कि उम्मीद है गर्मी में वर्ल्ड चैंपियनशिप के दौरान स्थिति में जरूर सुधार मिले। इन सभी आरोपों के बीच हमने भी इंदिरा गांधी स्टेडियम में पड़ताल की, जिसमें हमने पाया कि स्टेडियम में सफाई व्यवस्था पूरी तरह बदहाल है।
गैलरी से लेकर VIP एंट्री की सीढ़ियों तक गंदगी
दरअसल सभी पत्रकारों को गेट नंबर 7A से स्टेडियम में एंट्री दी जा रही है। सीढ़ियों से ऊपर फील्ड ऑफ प्ले की तरफ बढ़ते ही हमने पाया कि सीढ़ियों और स्टेडियम एरीना की गैलरी में हर तरफ गंदगी है। कहीं कुत्ते की पॉटी पड़ी है, तो कहीं गुटखों की पीक है। इसके अलावा फ्लोर टाइल्स भी काफी गंदी मिलीं। मीडिया लाउंज से ठीक पहले ही एक वॉशरूम में काम चलता मिला, लेकिन उसमें से भी बहुत बदबू आ रही थी। मीडिया सेंटर की तरफ से मिक्स्ड जोन और प्रेस कॉन्फ्रेंस एरिया की ओर जाने वाली सीढ़ियों पर भी गुटखे की पीक दिखी।
बता दें कि ये वही रास्ता है जहां से नैशनल-इंटरनैशनल मीडिया का आना जाना होता है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि गंदगी के बीच से गुजरने पर देश की क्या छवि बनेगी। इसके अलावा एरीना के गेट नंबर-5 में वीआईपी एंट्री की सीढ़ियों में भी गुटखों की पीक थी। कुछ जगहों पर वॉशरूम के सामने सफाईकर्मी तो बैठे दिखे, लेकिन वह कुछ नहीं कर रहे थे। जगह-जगह एमसीबी बॉक्स खुले थे और कई जगहों पर बिजली की तारें लटकी हुई थीं। ऐसे में सवाल उठता है कि किसी को करंट लग गया तो कौन जिम्मेदार होगा।
‘रोज कराते हैं सफाई, आगे और दुरुस्त करेंगे व्यवस्था’
बैडमिंटन असोसिएशन ऑफ इंडिया (BAI) के जनरल सेक्रेटरी संजय मिश्रा ने बताया, पिछले साल की कुछ खामियों को देखते हुए हमने इस साल केडी जाधव हॉल की जगह स्टेडियम के मेन एरिना में प्रतियोगिता कराई है। रोज सफाई भी कराई जाती है, लेकिन स्टेडियम इतना बड़ा और पुराना है कि कुछ न कुछ कमी रही जाती है। हम व्यवस्था और दुरुस्त करने में लगे हैं। एमसीडी से कुत्तों को हटाने की भी अपील की गई थी और आज कुछ कुत्ते हटाए भी गए हैं, लेकिन फिर भी अभी और काम होने की जरूरत है। गुटखों की पीक के दाग बहुत पुराने हैं। कई बार सफाई के बाद भी नहीं दाग नहीं छूट रहे हैं।
उन्होंने आगे बताया कि इस स्टेडियम में कई कॉन्सर्ट भी होते हैं, ऐसे में इतनी जल्दी सब कुछ सही हो पाना थोड़ा मुश्किल था, लेकिन फिर भी हमने कोई कसर नहां छोड़ी। वेन्यू पर कमियां दुनियाभर में होती हैं, लेकिन भारत की कमियों को मुद्दा बना दिया जाता है। हमारे खिलाड़ी एच एस प्रणय का पिछले साल मलेशिया ओपन में मैच छत टपकने की वजह से एक दिन टालना पड़ा था, लेकिन हमने कोई शिकायत नहीं की। हम कमियों को देख रहे हैं। विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में अभी समय है और तब तक सभी खामियां ठीक कर ली जाएंगी।



