महाराष्ट्र

शरद पवार की स्ट्रैटेजी से कठिन हुई पश्चिमी महाराष्ट्र की लड़ाई, माढ़ा और सोलापुर सीट पर BJP से सीधी टक्कर

पश्चिमी महाराष्ट्र में चुनावी मुकाबला रोचक होता जा रहा है. यहां माढ़ा और सोलापुर लोकसभा सीट की लड़ाई दिचलस्प होने वाली है. इसके लिए शरद पवार ने फील्डिंग सेट कर दी है. दरअसल, पूर्व डिप्टी सीएम विजयसिंह मोहिते के भतीजे धैर्यशील मोहिते पाटिल माढ़ा सीट से लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी में शामिल हो गए हैं. लोकसभा चुनाव से पहले एनसीपी (शरतचंद्र पवार) सुप्रीमो शरद पवार ने पश्चिमी महाराष्ट्र में बीजेपी के लिए नया टारगेट सेट कर दिया है. उन्होंने माढ़ा और सोलापुर लोकसभा सीटों को लेकर विजयसिंह मोहिते पाटिल और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुशील कुमार शिंदे के साथ बैठक की. मोहिते को एनसीपी के साथ लेकर शरद पवार ने पश्चिमी क्षेत्र में महाविकास अघाड़ी के लिए एक और गढ़ मजबूत कर लिया.

एक ही पीढ़ी के तीन नेता अकलुज में मोहिते के घर पर दोपहर के भोजन के लिए मिले. इस दौरान शरद पवार ने कहा कि सोलापुर और माढ़ा दोनों लोकसभा क्षेत्रों के उम्मीदवार 16 अप्रैल को एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नामांकर फाइल करेंगे.

धैर्यशील मोहिते पाटिल एनसपी (शरतचंद्र पाटिल) के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल की उपस्थिति में पार्टी में शामिल हुए और भीम-कावेरी नदी परियोजना को लेकर मौजूदा सांसद रंजीतसिंह निंबालकर पर निशाना साधा. हालांकि, भाजपा के एमएलसी और धैर्यशील मोहिते के भाई रणजीतसिंह मोहिते ने मोहिते परिवार के साथ मंच साझा करने से परहेज किया.

माढ़ा और सोलापुर में बीजेपी से सीधी टक्कर

पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार शिंदे की बेटी और विधायक प्रणीति शिंदे सोलापुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रही हैं. वहीं, माढ़ा से विजयसिंह मोहिते के भतीजे धैर्यशील मोहिते शरद पवार की पार्टी एनसीपी से चुनाव लड़ेंगे.  मतलब साफ है कि सोलापुर और माढा, इन दोनों सीटों पर लड़ाई सीधे तौर पर बीजेपी उम्मीदवारों से है.

2019 में फडणवीस ने लिया था मोहिते का समर्थन

2019 में देवेंद्र फडणवीस ने माढ़ा से रणजीत सिंह निंबालकर को जिताने के लिए मोहिते का समर्थन हासिल किया था. विजयसिंह मोहिते के बेटे को एमएलसी की पेशकश के बाद भतीजे ने 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए शरद पवार के साथ रहना पसंद किया. कभी कांग्रेस में रहे बड़े नेता अब भाजपा के खिलाफ एकजुट हो रहे हैं और क्षेत्र में नया समीकरण बना रहे हैं.

धनगर समुदाय के नेता के साथ नहीं बनी बात

शरद पवार धनगर समुदाय के नेता महादेव जानकर को माढ़ा लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए मना रहे थे. महादेव जानकर और शरद पवार के बीच चार बैठकें हुईं, लेकिन देवेंद्र फडणवीस के साथ बैठक के बाद जानकर ने परभणी से लोकसभा चुनाव लड़ने के अपने फैसले की घोषणा की. इसके बाद शरद पवार माढ़ा लोकसभा सीट के लिए एक नए उम्मीदवार की तलाश में थे, जहां से उन्होंने खुद 2009 में चुनाव लड़ा था.

एनसीपी का गढ़ रही है माढ़ा सीट

माढ़ा लोकसभा सीट 2008 में अस्तित्व में आई थी. इस सीट से शरद पवार ने 2009 में चुनाव जीता था. जबकि उन्होंने अपनी पारंपरिक बारामती लोकसभा सीट बेटी सुप्रिया सुले के लिए रिजर्व कर दी थी. इसके बाद 2014 में मोदी लहर के खिलाफ एनसीपी के टिकट पर विजयसिंह मोहिते पाटिल इस सीट से सांसद बने, लेकिन 2019 के बाद मोहिते ने पवार का साथ छोड़ दिया और बीजेपी के साथ चले गए. इस लोकसभा क्षेत्र में सोलापुर में 4 और सतारा में 2 विधानसभा सीट हैं.

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