मां दरवाजे पर टकटकी लगाए रो रही, 11 दिन से लापता है 18 साल का पंकज, 7765 लड़के 2025 में दिल्ली से गायब!

नई दिल्ली : देश की राजधानी दिल्ली से लड़कों के लापता होने के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. आंकड़ों पर नजर डालें तो 2025 (31 अक्टूबर तक) में 7765 लड़के लापता हो गए. ताजा मामला दिल्ली के बुद्ध विहार का है. जहां पर 11 दिन से लापता लड़के का पुलिस पता नहीं लगा सकी है. उधर परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है. परिवार का यह भी आरोप है कि पुलिस ने एफआईआर गलत लिख दी है.
इस पूरे मामले में लोकल 18 की टीम इस पीड़ित परिवार के घर पहुंची, तो देखा कि एक जवान बेटे के अचानक लापता होने की खबर ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है. परिवार के आंगन में पसरा सन्नाटा परिवार के दुख को बयां कर रहा है. दरवाजे पर टकटकी लगाए बैठी मां की आंखें किसी भी कदमों की आहट पर चमक उठती हैं, लेकिन हर बार उन्हें मायूसी ही हाथ लगती है. मां कमलेश का कहना है कि जब भी दरवाजा खुलता है. दिल धक-धक करने लगता है, लगता है शायद उनका बेटा आ गया है.
मां कमलेश ने बताया कि उनके बेटे का नाम पंकज है. उसकी उम्र 18 साल है. 30 नवंबर की शाम वह अपने 3 साल पुराने दोस्त कुशाल के जन्मदिन में जाने की बात कह कर घर से निकला था और कुशाल उर्फ काकू ही उसे घर से अपनी स्कूटी पर लेकर गया था, लेकिन 30 नवंबर के बाद से उनका बेटा घर नहीं लौटा. 1 दिसंबर को जब सुबह तक उनके बेटे का मोबाइल बंद आने लगा. तब वह खुद ही बुद्ध विहार से पैदल चलकर पंकज के दोस्त कुशाल के घर तक पहुंची.
जहां देखा कि कुशाल घर के अंदर सो रहा है और स्कूटी घर के बाहर खड़ी हुई है. उनका बेटा आसपास नजर नहीं आया. कुशाल से पूछने पर पता चला कि कुशाल ने उसे रात को 3:30 बजे पीरागढ़ी फ्लाईओवर पर छोड़ दिया था. इसके बाद परिवार को किसी अनहोनी का शक हुआ तो परिवार तुरंत मंगोलपुरी थाने पहुंचा. जहां पर एफआईआर दर्ज कराई गई.
मां कमलेश का आरोप है कि एफआईआर में पुलिस ने पिता का नाम गलत लिखने के साथ ही जो मुख्य बात है. उसे ही गलत लिख दिया है. पुलिस ने लिख दिया कि वह 3:30 बजे बस से उतरा था. जबकि वह बस से नहीं उतरा था. उसे उसका दोस्त कुशाल स्कूटी से पीरागढ़ी पर छोड़ने की बात कह रहा है. ऐसे में पुलिस की एफआईआर की वजह से पंकज का दोस्त कुशाल पूरी तरह से बचत हुआ नजर आ रहा है. जबकि कुशाल की अहम भूमिका है. वही लेकर के गया था. उसी ने ही रात के 3:30 बजे जहां से ऑटो टैक्सी तक नहीं मिलती. वहां पर उनके बेटे को क्यों उतारा. यह सबसे बड़ा सवाल है.
रात 3:30 बजे फोन था स्विच ऑफ
पंकज की भाभी निधि ने बताया कि पंकज के लापता होने से पहले रात के 3:30 बजे उनके मोबाइल पर कॉल आई थी. इससे पहले की पंकज कुछ कहता अचानक उसका फोन बंद हो गया और उसके बाद उसका फोन ऑन नहीं हुआ. उन्होंने बताया कि पंकज लोगों के घर में पानी की सप्लाई करता था. जबकि कमलेश के 3 और बेटे हैं. तीनों सिलाई का काम करते हैं. परिवार उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ का रहने वाला है. आर्थिक रूप से बहुत ज्यादा मजबूत नहीं है. इसलिए पुलिस उनकी मदद नहीं कर रही थी, लेकिन जब डीसीपी कार्यालय पहुंचे. वहां से पुलिस को फटकार लगी और अब पुलिस खोजबीन तेजी से कर रही है. 11 दिन से लापता पंकज का अब तक कोई भी सुराग नहीं मिल सका है.
दोस्त बोला नहीं पता कहां गया
लोकल 18 ने पंकज के दोस्त कुशाल से फोन पर बातचीत की तो कुशाल ने बताया कि 30 नवंबर को किसी का जन्मदिन नहीं था. सिर्फ एक दोस्त से मिलने के लिए उत्तम नगर तक वह पंकज को लेकर के गया था. फिर वहां पर उन्होंने पार्टी की थी. इसके बाद कुशाल अपनी स्कूटी से पंकज को घर छोड़ने आ रहा था, लेकिन पंकज ने कहा कि वह पीरागढ़ी से अपने घर चला जाएगा. इसलिए पीरागढ़ी पर ही उसने पंकज को उतार दिया था और अपने घर लौट आया था उसके बाद उसे कुछ नहीं पता.
पुलिस बोली पोस्टर छपवा दिए हैं
मंगोलपुरी थाने पर तैनाद पुलिस अधिकारी प्रमोद रावत से जब फोन पर बात की गई तो उन्होंने बताया कि लड़के की तलाश जारी है. उसकी आखिरी लोकेशन पीरागढ़ी पर ही मिल रही है. पोस्टर छपवा दिए गए हैं. सीसीटीवी कैमरा पीरागढ़ी पर न होने की वजह से दिक्कतों का सामना करना पड़ा है, लेकिन जल्दी पुलिस लड़के को खोज निकालेगी.



