मेदांता डॉ. नरेश त्रेहन ने बताए 100 साल जीने के 10 तरीके, ‘उम्र बढ़ाना आपके हाथ में’

हर कोई चाहता है कि उसकी उम्र लंबी हो, लेकिन असल बात सिर्फ ज़्यादा साल जीने की नहीं, बल्कि उन सालों को सेहतमंद, एक्टिव और खुश रहकर जीने की है। आज मेडिकल साइंस, डॉक्टरों के अनुभव और लाइफस्टाइल स्टडीज की मदद से यह समझना आसान हो गया है कि रोज की आदतें ही तय करती हैं कि आप बूढ़े होने पर कितने फिट रहेंगे।
देश की जानेमाने कार्डियक सर्जन डॉक्टर नरेश त्रेहन के अनुसार (ref.), लंबी और स्वस्थ जिंदगी पाना कोई जादू नहीं, बल्कि सही आदतों का नतीजा है। सेहत पर फैमिली हिस्ट्री, लाइफस्टाइल, डाइट, एक्सरसाइज, तनाव और रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतों का बड़ा असर पड़ता है।
डॉक्टर का मानना है कि अगर हम समय पर हेल्थ चेकअप करवाएं, सही वजन बनाए रखें, मसल्स मजबूत रखें, दिल की सेहत का ध्यान दें, स्ट्रेस कम करें, 30 के बाद नियमित एक्सरसाइज शुरू कर दें। अच्छी सेहत सिर्फ दवाइयों से नहीं मिलती बल्कि सही समय पर अपनाई गई अच्छी लाइफस्टाइल से मिलती है। चलिए जानते हैं कि आपको अपने जीवन में अभी से क्या-क्या बदलाव कर लेने चाहिए।
हमारी सेहत में जीन्स का बड़ा रोल होता है, इसलिए अगर परिवार में हार्ट डिजीज, हाई बीपी रहा है तो उनकी रोकथाम जल्दी शुरू करनी चाहिए। हार्ट डिजीज की फैमिली हिस्ट्री होने पर खतरा दोगुना और डायबिटीज होने पर भी लगभग इतना ही बढ़ जाता है। अगर दोनों हों तो रिस्क तीन–चार गुना तक हो सकता है। इसलिए सही समय पर नियमित हेल्थ चेकअप करवाना 100 साल तक स्वस्थ रहने की सबसे जरूरी आदत है।
डॉक्टरों के अनुसार भारत में सबसे बड़ी गलती यह है कि लोग समय पर हेल्थ चेकअप नहीं करवाते, फैमिली हिस्ट्री हो तो 25 साल से जांच शुरू करनी चाहिए और अगर ना हो तो 30 साल तक एक पूरा बॉडी चेकअप जरूर करा लेना चाहिए। सिर्फ 3000-4000 रुपये के पैकेज में हार्ट, किडनी, लिवर, बीपी और शुगर की सभी जरूरी जांच हो जाती हैं, जो अभी का छोटा खर्च है लेकिन आगे चलकर बड़े अस्पताल खर्चों से बचा सकता है।
लंबी उम्र का सबसे बड़ा राज है वजन को अपने आइडियल वेट के 10% के अंदर रखना क्योंकि वजन कंट्रोल में हो तो उम्र 10–12 साल बढ़ सकती है, इसके लिए घर में वेट मशीन रखें, रोज एक समय पर वजन चेक करें और बढ़े तो खाना तुरंत कंट्रोल करें। साथ ही मसल्स बचाना जरूरी है क्योंकि कम मसल्स का मतलब कमजोर इम्यूनिटी, जॉइंट दर्द और जल्दी थकान, इसलिए रोज 30-40 मिनट की एक्सरसाइज करना लंबी और स्वस्थ जिंदगी की मजबूत नींव है।
दिल 24 घंटे बिना रुके काम करता है और सिर्फ 5 मिनट खून न मिले तो दिमाग नुकसान झेलने लगता है इसलिए हार्ट की सेहत का ध्यान रखना जरूरी है। रोज 30 मिनट वॉक, कम सोडियम, तेल बदलकर खाना, तंबाकू-स्मोकिंग से पूरी तरह दूर रहना और यह समझना कि ऑलकोहल किसी भी मात्रा में सुरक्षित नहीं है। इसी तरह स्ट्रेस कम करना भी लंबी उम्र की कुंजी है क्योंकि तनाव ऑफिस, घर और पैसों की चिंता से बढ़कर बीपी, हार्ट अटैक, खराब नींद और वजन बढ़ने तक का कारण बनता है।
40 की उम्र के बाद मेटाबॉलिज़्म धीमा होने लगता है, वजन तेजी से बढ़ता है, हार्मोनल बदलाव आते हैं और खासतौर पर महिलाओं में मेनोपॉज के बाद हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में 40 मिनट रोज़ व्यायाम, तनाव कम करना, हेल्दी डाइट, पूरी नींद और नियमित हेल्थ चेकअप ही इन समस्याओं से बचने और फिट रहने का सबसे असरदार समाधान हैं।
लंबी उम्र के लिए डाइट का संतुलन बहुत जरूरी है। नमक 1-2 ग्राम रखें, चीनी और फैट कम लें, घी सीमित मात्रा में खाएं और वनस्पति तेल पूरी तरह बंद करें। साथ ही हर 6 महीने में तेल बदलना सेहत के लिए फायदेमंद है। मोटापा आज सबसे तेजी से बढ़ने वाली बीमारी है जो हार्ट, डायबिटीज, कैंसर और जॉइंट समस्याएं बढ़ाकर उम्र कम करता है। तंबाकू और शराब छोड़ना भी एक बड़ा कदम है क्योंकि ये दिल, स्ट्रोक, कैंसर और लिवर को नुकसान पहुंचाते हैं और इन्हें छोड़ने से उम्र 5-7 साल बढ़ सकती है।
बीपी को 130/80 तक कंट्रोल में रखना जरूरी है क्योंकि स्ट्रेस में यह तेजी से बढ़कर स्ट्रोक का खतरा बढ़ा देता है। इसके अलावा लंबी उम्र के लिए उतना ही खाना खाएं जितना शरीर आसानी से पचा सके, इसी वजह से बुजुर्ग कम खाकर भी ज्यादा स्वस्थ रहते हैं। डॉक्टरों का सरल नियम है-कम खाओ, सही खाओ, रोज चलो-फिरो और तनाव कम रखो।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें। एनबीटी इसकी सत्यता, सटीकता और असर की जिम्मेदारी नहीं लेता है।



