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पश्चिम बंगाल में SIR शुरु होते ही तालाब में मिले सैकड़ों आधार कार्ड, मचा हड़कंप, टीएमसी पर हमलावर हुई बीजेपी

नई दिल्ली/कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विशेष गहन संशोधन (SIR) के फॉर्म वितरण की शुरुआत मंगलवार से ही हो चुकी है, लेकिन इसके अगले ही दिन पूर्वी बर्दवान जिले के पूर्बस्थली में एक तालाब से सैकड़ों आधार कार्ड बरामद होने का सनसनीखेज मामला सामने आ गया। रात के अंधेरे में किसी ने तीन बोरे भर आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज तालाब में फेंक दिए, जिससे राजनीतिक हलचल मच गई।

बारडांगा तालाब में सुबह का चौंकाने वाला नजारा

बुधवार सुबह पूर्वस्थली-2 ब्लॉक के बारडांगा इलाके में एक तालाब के किनारे मजदूर काम कर रहे थे। अचानक उन्हें पानी में तैरते हुए आधार कार्ड दिखाई दिए। पास ही तीन बोरे पड़े मिले, जिनमें सैकड़ों आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज भरे हुए थे। स्थानीय निवासी ने बताया, यहां मेरी जमीन है। सुबह मजदूरों ने बोरे देखे। मैंने कार्ड चेक किए, लेकिन कोई चेहरा पहचान में नहीं आया। खबर फैलते ही पूर्वस्थली थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और कार्ड बरामद कर लिए। पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि यदि किसी के पास आधार कार्ड मिले तो थाने या प्रशासन में जमा कर दें।

पुलिस को अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि रात के अंधेरे में इन्हें किसने फेंका। स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्डों पर लगी तस्वीरें किसी को पहचानी नहीं गईं। एक निवासी ने कहा, ये कार्ड नया लग रहे हैं, लेकिन किसका हैं, कोई अता-पता नहीं। SDM ने बताया, पुलिस मौके पर जांच कर रही है। सभी कार्डों की फॉरेंसिक जांच होगी। सूत्रों के अनुसार, ये कार्ड SIR फॉर्म वितरण से जुड़े हो सकते हैं, जो राज्य में अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए चल रही प्रक्रिया है।

SIR के डर से फर्जी कार्ड नष्ट करने की साजिश: BJP का आरोप

भाजपा ने इसे SIR अभियान के खिलाफ साजिश करार दिया। स्थानीय भाजपा नेता परिमल मिस्त्री ने कहा, हो सकता है ये नकली आधार कार्ड हों। SIR शुरू होते ही इन अमान्य कार्डों को नष्ट करने के लिए फेंक दिया गया। बोरों भर कार्ड फेंकने का मकसद क्या है? हम सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। पार्टी का दावा है कि ये फर्जी दस्तावेज अवैध तत्वों द्वारा जारी किए गए थे, जिन्हें अब छिपाने की कोशिश हो रही है।

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