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चैतन्यानंद सरस्वती की खास डिमांड होगी पूरी… दिल्ली की अदालत ने दे दी अनुमति

नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को एक अंतरिम आदेश पारित कर स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती की एक डिमांड को पूरी कर दी। दरअसल, अदालत ने चैतन्यानंद ने प्याज और लहसुन रहित भोजन, चश्मा और दवाएं दिलाने क अनुरोध वाली याचिका को मंजूरी दे दी। इससे पहले तीन अक्टूबर को न्यायिक मजिस्ट्रेट अनिमेष कुमार ने चैतन्यानंद के आवेदन पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा था।

यहां एक निजी प्रबंधन संस्थान में 17 छात्राओं से छेड़छाड़ का आरोपी चैतन्यानंद फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। इस बीच, अदालत ने आरोपी की उस याचिका पर विस्तृत जवाब मांगा है जिसमें उसने साधुओं के वस्त्र पहनने और कुछ आध्यात्मिक पुस्तकें उपलब्ध कराये जाने का अनुरोध किया है।
उनके वकील ने अदालत से आरोपी को अतिरिक्त बिस्तर उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया।

कौन है चैतन्यानंद सरस्वती?

आरोपी चैतन्यानंद सरस्वती ‘श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट’ में संचालक था और वह अक्सर खुद को संस्थान का मालिक बताता था। पुलिस ने कहा कि आरोपी 28 पुस्तकें लिखने का दावा भी किया, जिनमें से कई ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। चैतन्यानंद सरस्वती मूल रूप से ओडिशा का रहने वाला है।

वसंत कुंज उत्तर थाने में 4 अगस्त को एक शिकायत दर्ज हुई। जांच में पता चला कि मैनेजमेंट (पीजीडीएम) कोर्स की 32 छात्राओं, जिन्हें ईडब्ल्यूएस स्कॉलरशिप मिली थी, में से 17 ने सरस्वती नाम की एक महिला पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस का कहना है कि संस्थान के तीन महिला फैकल्टी सदस्य और प्रशासक भी सरस्वती की मदद कर रहे थे। वे कथित तौर पर छात्राओं पर सरस्वती की मांगें मानने का दबाव डाल रहे थे।

2009 और 2016 में भी बाबा के खिलाफ दर्ज हो चुका है मुकदमा

पुलिस सूत्रों के अनुसार, स्वामी चैतन्यानंद के खिलाफ 2009 में डिफेंस कॉलोनी थाने में धोखाधड़ी और छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया गया था। 2016 में भी वसंत कुंज थाने में भी छेड़छाड़ की एक शिकायत दर्ज कराई गई थी।

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