जयपुर SMS अस्पताल में भीषण आग, ICU में 7 मरीजों की मौत, सरकार ने दिए जांच के आदेश

जयपुर के सवाई मान सिंह (एसएमएस) अस्पताल के आईसीयू वार्ड में आग लगने से 7 मरीजों की दुखद मौत हो गई। मृतकों में दो महिलाएं और चार पुरुष शामिल थे। शॉर्ट सर्किट के कारण आग तेजी से फैली जिससे जहरीला धुआं निकला। आईसीयू में 24 मरीज भर्ती थे जिनमें से 11 ट्रॉमा आईसीयू में थे। अस्पताल कर्मचारियों ने तुरंत मरीजों को बचाने का प्रयास किया।
जयपुर. राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सवाई मान सिंह (SMS) में रविवार देर रात ट्रॉमा सेंटर की दूसरी मंजिल पर लगी आग ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. शॉर्ट सर्किट से भड़की इस आग में 7 मरीजों की मौत हो गई है और 10 से अधिक मरीज घायल है. जिन्हें अस्पताले निचले वार्ड में शिफ्ट किया गया है. बताया जा रहा है कि अस्पताल में बिजली के पुराने तारों और अपर्याप्त फायर सेफ्टी सिस्टम की वजह से ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही है. खास बात यह है कि 2025 में ही यह दूसरी आग है, जबकि 2019 में एक महीने में तीन ऐसी घटनाएं दर्ज हो चुकी है.
ट्रॉमा सेंटर के ICU वार्ड में लगी आग से धुआं और जहरीली गैसें फैल गईं, जिससे गंभीर मरीजों की सांसें थम गईं. दमकल की चार गाड़ियों ने एक घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझाई, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी. अस्पताल प्रशासन ने मरीजों को अन्य वार्डों में शिफ्ट किया, लेकिन 7 मरीजों बचाया नहीं जा
जयपुर के एसममएस अस्पताल राजस्थान के सबसे बड़े अस्पतालों में शुमार होता है. इस अस्पताल में रोजाना हजारों मरीज आते हैं, ज्यादातर गंभीर हालत में मरीज आते हैं. प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को कारण बताया गया, लेकिन सवाल उठ रहा है कि आखिर पुराने वायरिंग सिस्टम को क्यों नहीं बदला गया? फायर सेफ्टी एक्सपर्ट डॉ. राकेश शर्मा के मताबिक, ICU जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर सिस्टम और बैकअप पावर की कमी घातक साबित हो रही है. ये चूक न होती तो न सिर्फ दिगंबर, बल्कि अन्य मरीज भी सुरक्षित रहते. अस्पताल अधीक्षक ने जांच का भरोसा दिया है, लेकिन परिजन मुआवजे और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.



