‘किसी पार्टी ने मुझे नहीं लिखा’, जेपीसी के बहिष्कार के बारे में बोले ओम बिरला

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने स्पष्ट किया है कि उन्हें किसी भी राजनीतिक दल से संसद की संयुक्त समिति (जेपीसी) के बहिष्कार के संबंध में कोई पत्र नहीं मिला है। केंद्र सरकार द्वारा पेश विधेयकों में आपराधिक आरोपों के तहत गिरफ्तारी पर नेताओं को पद से हटाने का प्रावधान है। तृणमूल कांग्रेस समाजवादी पार्टी शिवसेना (यूबीटी) और आप ने समिति में शामिल न होने की घोषणा की है।
नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को स्पष्ट किया कि किसी भी राजनीतिक दल ने उन्हें तीन विधेयकों की समीक्षा के लिए संसद की संयुक्त समिति (जेपीसी) के बहिष्कार के संबंध में कोई पत्र नहीं लिखा है।
केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में पेश किए गए इन विधेयकों में गंभीर आपराधिक आरोपों के तहत 30 दिनों तक गिरफ्तार रहने पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को पद से हटाने का प्रविधान शामिल है।तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, शिवसेना (यूबीटी) और आम आदमी पार्टी जैसी कम से कम चार पार्टियों ने समिति का हिस्सा न बनने की घोषणा की है, जबकि कांग्रेस ने इस मुद्दे पर अभी तक अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की है।



