छत्तीसगढ़

गणेश पंडाल में शिक्षा की अलख जगा रहे बप्पा, बाल श्रम के खिलाफ अनोखा संदेश 

राजनांदगांव : राजनांदगांव शहर में गणेश पंडाल के माध्यम से आस्था के साथ ही सामाजिक सरोकार का संदेश लेकर गणेश स्थापना करने वाली त्रिमूर्ति गणेश उत्सव समिति द्वारा इस वर्ष भी संदेशप्रद भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई है। जहां बालश्रम के खिलाफ शिक्षा का संदेश दिया जा रहा है।

राजनांदगांव शहर के वार्ड नंबर 7 शंकरपुर में त्रिमूर्ति गणेश उत्सव समिति ने इस वर्ष बाल श्रम की थीम को शामिल किया है। यहां गणेश पंडाल में भगवान गणेश बच्चों के बीच पुस्तक लेकर खड़े हुए । वही पंडाल में बनाई गई अन्य प्रतिमा बालश्रम के खिलाफ और शिक्षा से उन्नति को प्रदर्शित कर रही है। इस पंडाल में संदेश दिया जा रहा है कि शिक्षा के माध्यम से बेहतर भविष्य को प्राप्त किया जा सकता है। गणेश पंडाल में एक ही प्रतिमा के दो रूप दिखाए गए हैं । जिसमें एक साईड शिक्षा के साथ और एक तरफ शिक्षा के बगैर जीवन पर पड़ने वाले असर को प्रदर्शित करता है। यहां भगवान गणेश के पीछे हिंदी और अंग्रेजी के वर्ण लिखे गए हैं। वही फ्लेक्स के माध्यम से गणेश उत्सव समिति बाल श्रम का विरोध करते हुए बच्चों को शिक्षा देने लोगों को प्रेरित कर रही है।

इस गणेश पंडाल में बीते वर्ष पर्यावरण जागरूकता का संदेश दिया गया था और पेड़ों की कटाई के खिलाफ धार्मिक आस्था के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया । वहीं इस वर्ष बाल श्रम के बढ़ते मामलों को देखते हुए शिक्षा से दूर होते बच्चों के प्रति संदेश दिया गया है। जिसमें ज्ञान, विवेक और बुद्धिमत्ता के स्वामी गणेश शिक्षा का संदेश दे रहे हैं।

त्रिमूर्ति गणेश उत्सव समिति द्वारा लगभग 30 वर्षों से यहां गणेश प्रतिमा की स्थापना की जा रही है। इस गणेश पंडाल में अधिकांश युवाओं की टीम है जो सामाज की भलाई से संबंधित संदेश देने वाली प्रतिमा विराजित करती है। शंकरपुर के रविदास मार्ग में स्थापित इस गणेश प्रतिमा को लेकर समिति के अध्यक्ष रवि जगने ने बताया कि आस्था के साथ दिए गए संदेश से लोग ज्यादा प्रेरित होते हैं । इस वजह से यहां एक मैसेज देने वाली प्रतिमा स्थापित की जाती है।

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