तल्ख, तीखी राजनीति में मुस्कुराहट का तड़का… लंबे अरसे बाद सियासी गलियारों से आई एक खूबसूरत तस्वीर

नई दिल्ली: दुश्मनी जम कर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे, जब कभी हम दोस्त हो जाएं तो शर्मिंदा न हों… बीजेपी अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा की एक खूबसूरत तस्वीर देखकर बशीर बद्र की ये चंद लाइनें अचानक से जेहन में आ गईं। अक्सर एक-दूसरे पर तीखे तीर छोड़ने वाले दो सियासी धुरंधर अगल-बगल में बैठक हंसकर बातें कर रहे हैं। दो विरोधी नेताओं की ऐसी खूबसूरत तस्वीर देखे अरसा हो गया था, लेकिन आज फिर सियासी गलियारा इस खुशनुमा मुलाकात से गुलजार हो गया।
छोटे-छोटे मुद्दों पर पक्ष और विपक्ष के बीच लात-घूसे चलने वाले सीन तो आपने अक्सर देखे हैं, लेकिन मुस्कुराती सियासत की दुर्लभ तस्वीर के दीदार बमुश्किल से होते हैं। कांटों से गुजर जाता हूं, दामन को बचा कर, फूलों की सियासत से मैं बेगाना नहीं हूं… शकील बदायूनी की ये शायरी प्रियंका गांधी की मुस्कुराहट पर सटीक बैठ रही है।
दरअसल प्रियंका गांधी आज जेपी नड्डा से किन्हीं खास वजहों से मिली थीं। उन्हें अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड (केरल) के लोगों की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर चिंता है। शायद यही वजह है कि उन्होंने फूलों की सियासत की तरफ अपना रुख मोड़ लिया और मुस्कुराते हुए जेपी नड्डा से केरल में एम्स शुरू करने की पुरानी मांग दोहरा डाली। साथ ही वायनाड में बेहतर हेल्थ की सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी रख दी।
जेपी नड्डा और प्रियंका गांधी वाड्रा की मुलाकात की खूबसूरत तस्वीर अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल है। तस्वीर पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रिया है। लेकिन इस तस्वीर को देखने के बाद अधिकांश लोग कह रहे हैं- सियासत के कई रंग होते हैं, महज लड़ना झगड़ना ही एक रंग नहीं।


