बुंदेलखंड में होंगे अब रोजगार ही रोजगार, एक्सप्रेसवे पर लगेंगे तमाम उद्योग और फैक्ट्री, किसानों को मिला बंपर मुआवजा

जिले के युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर बनने वाला औद्योगिक गलियारा अब हकीकत बनने के करीब है. पिछले एक वर्ष से चल रही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है.
औद्योगिक गलियारा के लिए तक 620 से अधिक किसानों से जमीन खरीदी जा चुकी है और 273 से ज्यादा बैनामे संपन्न हो गए हैं. कुल मिलाकर 95 प्रतिशत से अधिक भूमि उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के नाम हो चुकी है.
सरकार का उद्देश्य इस परियोजना के माध्यम से जिले में अधिक से अधिक उद्योग स्थापित करना है, ताकि यहां के युवाओं को रोजगार के लिए बाहर न जाना पड़े. नवंबर 2023 में मिहौली और निगड़ा गांव की जमीन को चिन्हित किया गया था, जिसके बाद तेजी से अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हुई.
औद्योगिक गलियारे के लिए कुल 124 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता है.जिला प्रशासन और यूपीडा की संयुक्त पहल से अब तक 93 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण पूरा हो चुका है. मिहौली गांव में 639 किसानों और निगड़ा गांव में 232 किसानों की जमीन इस परियोजना के लिए खरीदी जानी थी, जिसमें अधिकांश किसान अपनी जमीन देने के लिए तैयार हो चुके हैं.
शासन की ओर से इस परियोजना के लिए 369 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है. इसमें जमीन खरीदने से लेकर गलियारे की आधारभूत संरचना तैयार करने तक का खर्च शामिल है. यूपीडा जल्द ही उद्योगों को जमीन उपलब्ध कराने और निवेशकों को आकर्षित करने की प्रक्रिया शुरू करेगा.
एडीएम वित्त एवं राजस्व अविनाश चंद्र मौर्य ने बताया कि भूमि अधिग्रहण का कार्य लगभग पूरा हो गया है. उनका कहना है कि औद्योगिक गलियारे की स्थापना से जिले के हजारों युवाओं को अपने ही शहर में रोजगार के अवसर मिलेंगे.
लेख में दी गई ये जानकारी सामान्य स्रोतों से इकट्ठा की गई है. इसकी प्रामाणिकता की जिम्मेदारी हमारी नहीं है. एआई के काल्पनिक चित्रण का जी यूपीयूके हूबहू समान होने का दावा या पुष्टि नहीं करता.



