अंतर्राष्ट्रीय

इंडोनेशिया राष्ट्रपति चुनाव: शुरुआती रुझानों के आधार पर प्रबोवो सुबिआंतो ने किया जीत का दावा

जकार्ता: दुनिया के तीसरे सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश इंडोनेशिया में बुधवार को मतदाताओं ने नया राष्ट्रपति चुनने के लिए मतदान किया। मतदान के बाद वटों की गिनती का काम शुरू हो गया है। शुरुआती रुझान आने के बाद प्रबोवो सुबियांतो ने आंकड़ों के आधार पर राष्ट्रपति चुनाव में जीत का दावा किया है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इंडोनेशियाई मतदान एजेंसियों द्वारा की गई प्रारंभिक और अनौपचारिक वोटों की गिनती के अनुसार, सुबियांतो को 57 प्रतिशत से 59 प्रतिशत के बीच वोट मिले। जिसमें से 80 प्रतिशत से अधिक वोट मतदान स्थलों पर सैंपल के तौर पर गिने गए। हालांकि चुनाव अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है और प्रबोवो के सामने चुनाव लड़े दो उम्मीदवारों ने भी हार-जीत के दावे को जल्दीबाजी कहा है।

इंडोनेशिया द्वीपसमूह पर बुधवार को बिना किसी बड़ी समस्या के मतदान संपन्न हो गया। राष्ट्रपति पद के अलावा उपराष्ट्रपति और संसदीय प्रतिनिधियों के चुनाव के लिए भी वोट डाले गए हैं। निर्वाचन आयोग के प्रमाणित त्वरित-गणना केंद्रों से शुरुआती रुझान और अनौपचारिक परिणाम जल्दी ही मिलने की उम्मीद है लेकिन आधिकारिक और अंतिम नतीजे करीब एक महीने में आएंगे। इंडोनेशिया के चुनाव अमेरिका और चीन की भी नजर है। इसकी वजह द्वीपसमूह राष्ट्र के पास एक विशाल घरेलू बाजार, निकल धातु और पाम (ताड़) तेल जैसे प्राकृतिक संसाधन मौजूद होना हैं। इंडोनेशिया अपने दक्षिण पूर्व एशियाई पड़ोसियों के साथ मजबूत राजनयिक प्रभाव भी रखता है।

मौजूदा सरकार में रक्षामंत्री हैं सुबियांतो
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति बनने के लिए तीन प्रत्याशी मैदान में हैं- गंजर प्रणोवो, अनीस बासवेदन और प्रबोवो सुबिआंतो। प्रबोवो सुबिआंतो मौजूदा रक्षा मंत्री हैं और सेना की स्पेशल फोर्स में कमांडर रह चुके हैं। राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे उम्मीदवार, गंजर प्रणोवो केंद्रीय जावा प्रांत के पूर्व गवर्नर हैं। उनकी उम्मीदवारी को इंडोनेशियन डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ स्ट्रगल ने समर्थन दिया है। राष्ट्रपति पद के तीसरे उम्मीदवार अनीस बासवेदन हैं। अनीस इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता के गवर्नर रह चुके हैं। कई एजेंसियों के चुनाव पूर्व सर्वे कहते हैं कि सुबिआंतो बाकी दोनों उम्मीदवारों से आगे हैं।

इंडोनेशिया ने 1998 में लोकतंत्र को अपनाया था। इंडोनेशिया की 27 करोड़ की आबादी में से करीब 20 करोड़ लोग मतदाता हैं। चुनावों में 17 साल से अधिक उम्र के इंडोनेशियाई नागरिक वोट डाल सकते हैं। राष्ट्रपति चुनाव जीतने के लिए उम्मीदवार को कुल वोटों के 50 फीसदी और सभी राज्यों में 20 फीसदी वोट मिलने चाहिए। अगर कोई भी उम्मीदवार 50 फीसदी से ज्यादा वोट पाने में सफल नहीं होता है तो सबसे ज्यादा वोट पाने वाले दो प्रत्याशियों के बीच दोबारा चुनाव कराया जाएगा। अक्टूबर में इंडोनेशिया में नया राष्ट्रपति शपथ लेगा।

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