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‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जांबाजों को सर्वोच्च सम्मान, भारतीय वायुसेना के इन अधिकारियों को ‘सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक’

नई दिल्ली: 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले भारतीय वायु सेना के चार अधिकारियों को ‘सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक’ से सम्मानित करने का फैसला लिया गया है। ऑपरेशन सिंदूर में अहम योगदान के लिए उन्हें ये सम्मान मिला है। इनमें वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ एयर मार्शल नरनादेश्वर तिवारी भी शामिल हैं। वेस्टर्न एयर कमांडर एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा और डीजी एयर ऑपरेशंस एयर मार्शल अवधेश भारती को भी अहम सम्मान दिया गया है।

‘सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक’ का ऐलान

‘सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक’ आखिरी बार कारगिल युद्ध के बाद भारतीय वायुसेना को दिया गया था। यह पुरस्कार युद्ध के समय दिया जाने वाला परम विशिष्ट सेवा पदक के बराबर है। परम विशिष्ट सेवा पदक असाधारण सेवा के लिए दिया जाता है। भारतीय वायुसेना के चार अधिकारियों के अलावा, दो आर्मी के अधिकारी और एक नौसेना के अधिकारी को भी 15 अगस्त के समारोह में अहम सम्मान दिया जाएगा।

9 वायुसेना अधिकारियों को वीर चक्र

ऑपरेशन सिंदूर में मुरीदके और बहावलपुर में आतंकवादी समूहों के मुख्यालयों और पाकिस्तानी सैन्य संपत्तियों को निशाना बनाने वाले लड़ाकू पायलटों सहित नौ भारतीय वायु सेना अधिकारियों को वीर चक्र से सम्मानित किया गया। ये युद्ध के समय वीरता का तीसरा सर्वोच्च पदक है।

IAF के 13 अधिकारियों को युद्ध सेवा पदक

भारतीय वायु सेना के 13 अधिकारियों को हमलों को अंजाम देने और अपने हवाई क्षेत्र की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रतिष्ठित युद्ध सेवा पदक से सम्मानित किया गया। इन अधिकारियों में एयर वाइस मार्शल जोसेफ सुआरेस, एवीएम प्रजुअल सिंह और एयर कमोडोर अशोक राज ठाकुर शामिल हैं।

26 अफसरों को वायुसेना पदक (वीरता)

भारतीय वायु सेना के 26 अधिकारियों और वायुसैनिकों को वायु सेना पदक (वीरता) से सम्मानित किया गया। इनमें वे फाइटर पायलट शामिल हैं जिन्होंने पाकिस्तान के अंदर टारगेट को भेदने के मिशन में हिस्सा लिया था और वे अधिकारी और सैनिक भी शामिल हैं जिन्होंने एस-400 और अन्य वायु रक्षा प्रणालियों का संचालन किया था। जिन्होंने भारतीय धरती पर पाकिस्तान की ओर से योजनाबद्ध सभी हमलों को विफल कर दिया था।

ऑपरेशन सिंदूर में एक्शन को लेकर सम्मान

ऑपरेशन सिंदूर में, भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकवादी और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था। यह कार्रवाई 7 से 10 मई के बीच की गई थी। यह 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में थी। उस हमले में एक नेपाली नागरिक सहित 26 पर्यटकों की जान चली गई थी। इसी के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया और पाकिस्तान को घुटने पर आने के लिए मजबूर कर दिया।

बीएसएफ के 16 जांबाजों को वीरता पदक

अब स्वतंत्रता दिवस पर भारतीय वायु सेना के चार अधिकारियों को सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक से सम्मानित किया जाएगा। यह देश का सर्वोच्च युद्धकालीन विशिष्ट सेवा अलंकरण है। इससे पहले, सीमा सुरक्षा बल ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान असाधारण बहादुरी और अभूतपूर्व वीरता के लिए अपने 16 कर्मियों को वीरता पदक देने का ऐलान किया। बीएसएफ देश के पश्चिमी हिस्से में भारत-पाकिस्तान सीमा की अहम निगरानी और रक्षा की जिम्मेदारी संभालती है।

बीएसएफ ने सोशल मीडिया पर कहा कि इस स्वतंत्रता दिवस पर, 16 बहादुर सीमा प्रहरियों को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनकी असाधारण बहादुरी और अभूतपूर्व वीरता के लिए वीरता पदक से सम्मानित किया जा रहा है। ये पदक राष्ट्र के उस विश्वास और भरोसे का प्रमाण हैं जो भारत की पहली रक्षा पंक्ति, सीमा सुरक्षा बल पर है। पदक जीतने वालों में एक उप कमांडेंट रैंक के अधिकारी, दो सहायक कमांडेंट और एक इंस्पेक्टर शामिल हैं। इन सभी जवानों ने मुश्किल हालातों में भी अपनी जान की परवाह किए बिना देश की रक्षा की।

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