ठाकरे ब्रदर्स का साथ आना पारिवारिक मामला, MVA में एंट्री पर कांग्रेस प्रभारी ने साफ किया स्टैंड, सबकुछ बताया

मुंबई: महाराष्ट्र में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बाद अब स्थानीय निकाय की बारी है। स्थानीय निकाय चुनावों में सभी की नजरें मुंबई पर लगी हैं कि क्या ठाकरे ब्रदर्स एक साथ आकर चुनाव लड़ेंगे। राज ठाकरे-उद्धव ठाकरे के संभावित गठबंधन को लेकर कांग्रेस ने पहली बार आधिकारिक तौर पर बड़े संकेत दिए हैं। महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रभारी रमेश चेन्निथला ने साफ किया है कि उद्धव-राज साथ आएं तो कांग्रेस को आपत्ति नहीं है। पुणे में चेन्निथला के यह कहने के बाद चर्चा शुरू हो गई है कि आखिर महाराष्ट्र में कांग्रेस का गेम प्लान क्या है? क्योंकि महायुति और महाविकास आघाड़ी समेत सभी दल चुनावी तैयरियों में जुटे हैं।
क्या है कांग्रेस का गेम प्लान?
महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रभारी रमेश चेन्नीथला ने कहा है कि अगर उद्धव और राज ठाकरे एक साथ हाथ मिलाते हैं तो हमें कोई आपति नहीं है। चेन्निथला ने कहा कि अभी दोनों ठाकरे भाइयों ने कोई राजनीतिक गठबंधन की घोषणा नहीं की है। ऐसे में इस पर अभी बयान देना सही नहीं है। जहां तक दोनों भाई साथ आते हैं तो यह उनका पारिवारिक मामला है। इससे कांग्रेस को कोई प्रॉब्लम नहीं है, लेकिन यदि दोनों ठाकरे भाई राजनीतिक गठबंधन करते हैं तो आघाडी में राज की एंट्री के बारे में फैसला हमारी पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी करेगी।
वोट चोरी का किया दावा
चेन्नीथला ने पुणे में पार्टी की कार्यशाला के समापन के मौके पर यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान वोटों की चोरी की गई। महाराष्ट्र में 2024 के लोकसभा चुनावों में महाविकास आघाडी ने सबसे ज्यादा सीटें जीती थीं, लेकिन विधानसभा चुनावों में महायुति को बड़ी जीत मिली थी। इतना ही नहीं एमवीए काफी पीछे छूट गया था। चेन्निथला से पहले महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा था कि अगर मनसे और शिवसेना यूबीटी कोई उप गठबंधन करते हैं तो कांग्रेस को इससे कोई दिक्कत नहीं है। पहले चव्हाण और अब चेन्निथला के बयान ने यह बयान देकर उत्सकुता बढ़ा दी है कि आखिर उद्धव ठाकरे एमवीए में रहते हुए किस फॉर्मूले से राज ठाकरे की मनसे को साध रहे हैं।



