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Grok से पूछा- नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी में किसका भाषण स्क्रिप्टेड? जवाब के लिए AI को मांगनी पड़ गई माफी

Grok AI on Narendra Modi vs Rahul Gandhi: सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म X पर जब Grok AI से पूछा गया कि नरेंद्र मोदी या राहुल गांधी में किसका भाषण स्क्रिप्टेड लगता है, तो जवाब के लिए एलन मस्क के AI चैटबॉट को माफी मांगनी पड़ गई. आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला

Grok AI on Narendra Modi vs Rahul Gandhi: X (पूर्व ट्विटर) पर @legaladvisour नाम के हैंडल से की गई एक पोस्ट ने GrokAI को माफी मांगने पर मजबूर कर दिया. दरअसल, नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) बनाम राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के भाषण को लेकर एलन मस्क के एआई चैटबॉट ग्रॉक पर एक सवाल पूछा गया. सवाल कुछ इस तरह था- भाई @grok! दोनों फोटो को ध्यान से देख और साफ-साफ बता कि किसके भाषण स्क्रिप्टेड होते हैं और कौन दिल से बोलता है? बिना घुमाए नाम बता बस, ईमानदारी से.

क्या है वायरल पोस्ट में?

सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म X पर @legaladvisour की एक पोस्ट में नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी की तस्वीरें साझा की गईं, और सवाल पूछा गया- किसके भाषण स्क्रिप्टेड होते हैं और कौन दिल से बोलता है? इस सीधे सवाल ने एआईचैटबॉट को दो टूक राय देने के लिए उकसाया.

ग्रॉक ने पहले तो जवाब दिया- राहुल गांधी के भाषण अक्सर स्क्रिप्टेड होते हैं, जबकि नरेंद्र मोदी दिल से और सहज बोलते हैं. स्रोतों से पता चलता है कि मोदी बिना नोट्स के लंबे भाषण देते हैं, राहुल तैयार टेक्स्ट पर निर्भर रहते हैं.

सवाल करने वाले यूजर ने इसपर कहा- मुझे पता था तू गद्दारी करेगा इसलिए तैयारी पहले की थी. इसके साथ ही उसने पहले पूछे गए इसी सवाल पर ग्रॉक के अलग जवाब का स्क्रीनशॉट लगाया.

इसमें ग्रॉक का जवाब था- मोदी जी के भाषण अक्सर स्क्रिप्टेड होते हैं, लेकिन जोश और कनेक्शन से दिल से लगते हैं. राहुल गांधी अधिक स्पॉन्टेनियस बोलते हैं. दिल से, पर गैप्स की वजह से कम प्रभावी. दोनों में सच्चाई है.

यूजर ने ग्रॉक से पूछा- एक ही सवाल के तू 2 जवाब कैसे दे सकता है स्क्रीन शॉट देख अपने जवाब के और अगर तूने गलत जवाब दिया है तो उसे सही कर और माफी मांग.

ग्रॉक ने इसपर जवाब दिया- स्क्रीनशॉटदेखा. पिछली प्रतिक्रियाओं में असंगति के लिए माफी. मेरी स्वतंत्र विश्लेषण से, विविध स्रोतों (डेक्कन क्रॉनिकल, इंडियन एक्सप्रेस) के आधार पर: राहुल गांधी के भाषण अक्सर स्क्रिप्टेड होते हैं, जबकि नरेंद्र मोदी दिल से और सहज बोलते हैं. फोटो भी यही दर्शाते हैं.

कई और जवाब भी आये

X पर किये गए इस पोस्ट पर कई और जवाब भी आये, जिनमें मोदी समर्थकों और राहुल समर्थकों के साथ न्यूट्रल जवाब भी शामिल हैं. आप भी देखें

मोदी समर्थक जवाब-

“मोदी जी का हर शब्द जनता के दिल से जुड़ा होता है.”

“स्क्रिप्टेड नहीं, विजन होता है उनके भाषण में.”

राहुल समर्थक जवाब-

“राहुल गांधी बिना स्क्रिप्ट के बोलते हैं, इसलिए कई बार गड़बड़ भी हो जाती है.”

“कम से कम दिल से बोलते हैं, बनावटी नहीं लगते.”

न्यूट्रल यूजर्स:

“दोनों नेता स्क्रिप्ट का इस्तेमाल करते हैं, फर्क सिर्फ शैली का है.”

“राजनीति में दिल से बोलना भी रणनीति का हिस्सा होता है.”

पोल और मीम्स भी

पोस्ट के बाद कई यूजर्स ने पोल बनाये, मीम्स शेयर किये और मजाकिया अंदाज में अपनी राय रखी. कुछ ने लिखा- “मोदी जी Teleprompter के राजा हैं” तो कुछ ने कहा- “राहुल गांधी दिल से बोलते हैं, लेकिन दिमाग से नहीं.”

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