कान्हा की नगरी में इस पेड़ को दिया था राधा ने श्राप, आज भी नहीं पकते इसके फल, दिलचस्प है किस्सा

मथुरा. श्राप सिर्फ इंसानों को ही नहीं लगता, पेड़ पौधों को भी लग सकता है. कान्हा की नगरी वृंदावन में भी एक ऐसा ही श्रापित पेड़ है. कहते हैं इसे राधा रानी ने श्राप दिया था. अब इसके पीछे क्या कहानी और मान्यता है, इस खबर में पढ़ते हैं.
मथुरा वृंदावन में हर साल लाखों भक्त भगवान कृष्ण के भव्य मंदिरों के दर्शन के लिए आते हैं. वो उन जगहों पर भी जाते हैं जहां भगवान कृष्ण ने राधा के साथ कोई ना कोई लीला की हो. यहां आज भी कई ऐसे स्थल और मंदिर हैं, जहां कान्हा की लीलाओं के साक्षात प्रमाण मौजूद हैं. ऐसा ही एक स्थान है इमली ताला मंदिर.
इमली ने बिगाड़ राधा रानी का श्रृंगार
इमली ताला मंदिर वृंदावन के परिक्रमा मार्ग पर जुगल घाट के पास स्थित है. मंदिर सेवायत गोपाल कृष्ण दास इस मंदिर के बारे में कहानी सुनाते हैं. वो कहते हैं यह स्थान 5500 साल से भी ज्यादा पुराना है. मंदिर के अंदर एक इमली का पेड़ है. इससे कई मान्यताएं जुड़ी हैं. कहते हैं द्वापर युग में यह पेड़ इमली से भरा रहता था. एक बार राधारानी यमुना स्नान और श्रृंगार करने के बाद सेवाकुंज की तरफ इस पेड़ के नीचे से जा रही थीं. पेड़ से गिरी एक पकी इमली पर उनका पैर पड़ा और वो फिसल कर गिर पड़ीं. इससे उनका श्रृंगार खराब हो गया.
पेड़ को दिया श्राप
इस वजह से राधा रानी इतने गुस्से से भर गयीं कि उन्होंने इमली के पेड़ को श्राप दे दिया. श्राप ये था कि आज के बाद ब्रज क्षेत्र में इमली के किसी भी पेड़ पर कोई इमली नहीं पकेगी. बस तब से लेकर आज तक ब्रज चौरासी क्षेत्र में किसी भी पेड़ पर इमली नहीं पकती.



