उत्तरप्रदेश

घर पर नहीं था मामा, भांजे को बुला रातें बिता रही थी मामी, मजाक-मजाक में दोनों ने कर दी हदें पार

लखनऊ: यूपी की राजधानी लखनऊ के बंथरा इलाके में करीब डेढ़ महीने पहले चतुर्थ श्रेणी रेल कर्मचारी सिद्धि प्रसाद लोधी की हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड के एक अन्य आरोपी को भी पुलिस ने दिल्ली से धर दबोचा है। आरोपी को गिरफ्तार कर शुक्रवार को जेल भेज दिया गया है। इस मामले के मुख्य आरोपियों सिद्धि प्रसाद की पत्नी और उसके प्रेमी को 4 जून को ही जेल भेज दिया गया था। 

झाड़ियों में अर्धनग्न अवस्था में मिली थी लाश 
इंस्पेक्टर बंथरा राणा राजेश कुमार सिंह ने बताया कि दरियापुर के रहने वाले चतुर्थ श्रेणी रेलवे कर्मी सिद्धि प्रसाद लोधी उम्र 38 का शव 24 मई की देर शाम को मिला था। लाश मृतक के घर के पीछे करीब 50 मीटर दूर तालाब किनारे झाड़ियों में अर्धनग्न अवस्था में पड़ी मिली थी। सिर और शरीर पर कई जगह चोटों के निशान थे। सिद्धि प्रसाद लोधी की पत्नी मंजू देवी ने हत्या की आशंका जताते हुए अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। 

कैसे हुई आरोपी संजय की गिरफ्तारी  
पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो शक की सुई पारा के नरपत खेड़ा निवासी आकाश वर्मा पर आकर रूकी। पुसिस ने आकाश को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने सारा सच उगल दिया। आकाश ने पुलिस को बताया कि सिद्धि की पत्नी मंजू देवी और दोस्त संजय कश्यप के साथ मिलकर हत्याकांड को अंजाम दिया था। तब 4 जून को पुलिस ने आकाश और सिद्धि की पत्नी मंजू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फिर पुलिस ने संजय की तलाश शुरू की। पुलिस को सर्विलांस की मदद से संजय के दिल्ली में होने की जानकारी मिली। तब पुलिस की एक टीम दिल्ली भेजी गई, जहां गुरुवार देर शाम सजय को दिल्ली के सोनिया विहार, दूसरा पुस्ता से गिरफ्तार कर लिया गया। 

संजय ने पुलिस पूछताछ में बताया पूरा घटनाक्रम 
पुलिस पूछताछ में संजय ने बताया कि वह और आकाश सरोजनीनगर के नादरगंज स्थित कंपनी में काम करते थे। वहीं दोनों का परिचय हुआ। मंजू रिश्ते में आकाश की मामी थी इसलिए वह उससे हंसी मजाक करता था। इसी बीच दोनों में प्यार हो गया। जब सिद्धि घर में नहीं होता तो आकाश उसके घर में रातभर रुकता था। इसी बीच मंजू ने आकाश से कहा कि वह अपने पति से बहुत परेशान रहती है। सिद्धि के गांव की एक महिला से अवैध संबंध हैं और वह सारा पैसा जुए व अय्याशी में खर्च कर देता है। उसने आकाश से कहा कि वो सिद्धि की हत्या कर दे वरना वह आत्महत्या कर लेगी। तब आकाश ने संजय को रुपये का लालच देकर सिद्धि की हत्या का प्लान बनाया। बकौल संजय, आकाश ने उसे हत्याकांड के एवज में उसे 40 हजार रुपये देने की बात कही थी। जिसमें से उसने 5 हजार रुपये पहले ही मंजू से लेकर दे दिए। शेष रुपये बाद में देने को कहा।

तीनों ने कैसे दिया घटनाक्रम को अंजाम 
संजय ने बताया कि 24 मई की रात मंजू ने आकाश को फोन कर सिद्धि के अकेले होने की बात बताई थी। तब आकाश ने फोन कर संजय को बुलाया और दोनों दरियापुर गांव पहुंच गए। जहां आकाश, संजय और मंजू ने मिलकर प्लास्टिक की रस्सी से सिद्धि प्रसाद का गला घोंटकर मौत के घाट उतार दिया। बाद में शव को उठाकर घर के पीछे स्थित सूखे तालाब के गड्ढे में फेंक दिया। इसके बाद आकाश ने लोहे की पाइप से सिद्धि के सिर पर कई वार किए। 

पुलिस से बचने के लिए भाग गया था दिल्ली
संजय ने बताया कि वह पुलिस से बचने के लिए दिल्ली भाग गया। उसने अपना सिम दूसरे मोबाइल फोन में डाल मोबाइल बंद कर दिया था। अपने पहले वाले फोन में दूसरा सिम डालकर चला रहा था। 

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