राजनीति

मोदी युग के 11 वर्ष और अजमेर की विकास यात्रा

राजस्थान की पहली वंदे भारत ट्रेन का संचालन अजमेर से हुआ। ₹498 करोड़ की लागत से अजमेर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास। 52 किमी नई लाइन, 145 किमी लाइन विस्तार, और 186 किमी दोहरीकरण के लिए ₹200 करोड़ से अधिक की स्वीकृति।

भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में पिछले 11 वर्ष एक निर्णायक और परिवर्तनकारी दौर के रूप में दर्ज किए जा रहे हैं। वर्ष 2014 में केंद्र की सत्ता में आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जो परिवर्तनकारी नीतियाँ और योजनाएँ देश में लागू की गईं, उनका व्यापक प्रभाव आज देश के हर कोने में महसूस किया जा रहा है — और अजमेर संसदीय क्षेत्र इसका सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है।

“सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” जैसे मूल मंत्रों के साथ मोदी सरकार ने गरीबों, किसानों, महिलाओं, युवाओं और वंचित तबकों के उत्थान के लिए अभूतपूर्व कार्य किए हैं। यही कारण है कि इस कालखंड को “11 ईयर ऑफ गरीब कल्याण” के नाम से रेखांकित किया जा रहा है।

नींव से आत्मनिर्भरता तक की यात्रा पहला कार्यकाल (2014–2019) में सरकार ने जनधन योजना के माध्यम से करोड़ों गरीबों को बैंकिंग से जोड़ा, स्वच्छ भारत मिशन से शौचालय निर्माण और स्वच्छता को गति दी, उज्ज्वला योजना ने रसोई घरों से धुंआ हटाया और प्रधानमंत्री आवास योजना ने लाखों को सिर पर छत दी।

दूसरे कार्यकाल (2019–2024) में सरकार ने PM किसान सम्मान निधि, आयुष्मान भारत, गरीब कल्याण अन्न योजना, आत्मनिर्भर भारत अभियान, और MSP में वृद्धि जैसी योजनाओं के जरिए सीधे लोगों के जीवन को छुआ। वहीं तीसरे और वर्तमान कार्यकाल (2024–वर्तमान) में भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की प्रतिबद्धता के साथ डिजिटल इंडिया, वंदे भारत ट्रेनों का विस्तार और अमृत भारत स्टेशन योजना जैसे कार्यक्रमों को नई गति मिली है।

कृषि और किसान कल्याण मोदी सरकार का आधार स्तंभ: मोदी सरकार के 11 वर्षों की उपलब्धियों में किसान हित प्रमुखता से शामिल है। PM किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक 12 करोड़ से अधिक किसानों को हर साल ₹6,000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है। फसल बीमा योजना, ड्रोन तकनीक का उपयोग, MSP में बढ़ोतरी और ई-नाम जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म ने कृषि क्षेत्र को नया आत्मबल दिया है।

अजमेर के विकास की मिसाल: अजमेर संसदीय क्षेत्र, जिसने ऐतिहासिक, धार्मिक और शैक्षणिक दृष्टि से देश में अपनी पहचान बनाई है, अब बुनियादी ढांचे और जनकल्याण के क्षेत्र में भी एक आदर्श के रूप में देखा जा रहा है।

रेलवे और यातायात में क्रांतिकारी परिवर्तन: राजस्थान की पहली वंदे भारत ट्रेन का संचालन अजमेर से हुआ। ₹498 करोड़ की लागत से अजमेर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास। 52 किमी नई लाइन, 145 किमी लाइन विस्तार, और 186 किमी दोहरीकरण के लिए ₹200 करोड़ से अधिक की स्वीकृति।

स्वास्थ्य और शिक्षा में निवेश: कायड़ में मेडिकल कॉलेज का निर्माण, 100 बेड का ESIC अस्पताल किशनगढ़ में स्वीकृत। PM केयर फंड से वेंटिलेटर और ऑक्सीजन संयंत्र। राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय में ₹175 करोड़ के विकास कार्य।

सड़क और पुल निर्माण: 10 फ्लाईओवर, ₹350 करोड़ की लागत से स्वीकृत। किशनगढ़–अहमदाबाद हाईवे को छह लेन में बदला जा रहा है— सिर्फ अजमेर हिस्से में ही ₹1200 करोड़ की परियोजना। ग्रामीण सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर ₹500 करोड़ से अधिक के कार्य प्रगति पर।

शहरी विकास की दिशा में अग्रसर: अजमेर स्मार्ट सिटी मिशन के तहत ₹990 करोड़ के 107 में से 90 कार्य पूर्ण। जल जीवन मिशन के तहत ₹746 करोड़ के कार्य स्वीकृत।

जनकल्याण योजनाओं का धरातली प्रभाव: अजमेर संसदीय क्षेत्र में PM आवास, उज्ज्वला, आयुष्मान भारत, जनधन, स्वच्छ भारत, स्वनिधि और गरीब कल्याण अन्न योजना जैसी योजनाओं से हजारों परिवारों के जीवन स्तर में ठोस सुधार देखने को मिला है।

बदला भारत, बढ़ा भारत प्रधानमंत्री मोदी के 11 वर्षों का कार्यकाल केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इन योजनाओं का सीधा प्रभाव आमजन के जीवन में दिखा है। अजमेर क्षेत्र में जो कार्य हुए हैं, वे इस बात का प्रमाण हैं कि जब नेतृत्व स्पष्ट विजन के साथ काम करता है, तो स्थानीय विकास भी राष्ट्रीय उन्नति का हिस्सा बन जाता है। 11 वर्ष का यह कालखंड भारत के बदलाव, विकास और आत्मबल का प्रतीक बन चुका है। अजमेर की प्रगति इस परिवर्तनशील भारत की एक जीवंत तस्वीर है।- भागीरथ चौधरी

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