संपादकीय

पाक को सख्त संदेश

पाक नौसेना ने अरब सागर में कराची तट से सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल का परीक्षण किया भी. लेकिन भारतीय नौसेना ने उससे पहले ही मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल दागकर पाकिस्तान को अपने ठोस इरादों का परिचय दे दिया. जिस युद्धपोत से मिसाइल दागी गयी, वह 7,400 टन का है और करीब 45 दिनों तक समुद्र में रह सकता है. आधुनिक रडार, सेंसर और हथियार प्रणालियों से लैस इस युद्धपोत को ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत बनाया गया है.

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय नौसेना के डिस्ट्रॉयर सूरत ने अरब सागर में सतह से हवा में मार करने वाली मध्यम दूरी की मिसाइल का परीक्षण कर, फिर अगले दिन ध्वनि से पांच गुना रफ्तार से उड़ने वाली हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण कर पाकिस्तान को अपनी शक्ति का संदेश दिया है. दरअसल भारत की सख्त प्रतिक्रिया को देखते हुए पाकिस्तान ने मिसाइल परीक्षण की सूचना जारी की थी. बाद में पाक नौसेना ने अरब सागर में कराची तट से सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल का परीक्षण किया भी. लेकिन भारतीय नौसेना ने उससे पहले ही मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल दागकर पाकिस्तान को अपने ठोस इरादों का परिचय दे दिया. जिस युद्धपोत से मिसाइल दागी गयी, वह 7,400 टन का है और करीब 45 दिनों तक समुद्र में रह सकता है. आधुनिक रडार, सेंसर और हथियार प्रणालियों से लैस इस युद्धपोत को ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत बनाया गया है. यह एमआर-एसएएम मिसाइल प्रणाली सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलों और अन्य हवाई लक्ष्यों के खिलाफ अत्यधिक प्रभावी है. भारतीय नौसेना के अपने बनाये इस स्वदेशी मिसाइल ने समुद्र में तेजी से उड़ने वाले लक्ष्य पर सटीक हमला कर बड़ी सफलता हासिल की है. यह उपलब्धि नौसेना की ताकत को और मजबूत करती है.

यह सफलता स्वदेशी युद्धपोत डिजाइन और विकास तथा संचालन में भारतीय नौसेना की बढ़ती ताकत का प्रदर्शन है. यह रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के विजन को और मजबूती प्रदान करती है. जबकि दागी गयी मिसाइल को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह तेज गति से आने वाली और रडार से छिपने वाली मिसाइलों को भी समय रहते पहचान कर उन्हें नष्ट कर सके. यह मिसाइल सीधे ऊपर लॉन्च होती है और चारों ओर 360 डिग्री में खतरे से निपट सकती है. इसका उपयोग दुश्मन के लड़ाकू विमानों, ड्रोन और एंटी-शिप मिसाइलों को रोकने के लिए किया जाता है. गौरतलब है कि इससे पहले पिछले महीने डीआरडीओ और नौसेना ने स्वदेशी रूप से विकसित सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल का सफल परीक्षण किया था. मिसाइल परीक्षण के अगले ही दिन भारत ने स्क्रैमजेट इंजन वाली हाइपरसोनिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया. ये मिसाइलें ध्वनि की गति से पांच गुना तेज रफ्तार से उड़ती हैं. तेज रफ्तार, बेहतरीन नियंत्रण तथा कम ऊंचाई पर उड़ने की क्षमता इसे खास बनाती है.

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