राजनीति

‘आतंकियों की भाषा बोल रहे रॉबर्ट वाड्रा’: पहलगाम हमले में उनके विवादित बयान पर बीजेपी ने कांग्रेस को घेरा

नई दिल्ली: पहलगाम आतंकी हमला पर कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के दामाद और बिजनेसमैन रॉबर्ट वाड्रा के एक बयान पर विवाद हो गया है। बीजेपी ने उनके बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। वाड्रा ने कहा था कि पहलगाम में आतंकियों ने गैर-मुस्लिमों को इसलिए निशाना बनाया, क्योंकि उन्हें लगता है कि देश में मुसलमानों के साथ गलत बर्ताव हो रहा है। BJP का कहना है कि वाड्रा आतंकियों की भाषा बोल रहे हैं और उन्हें माफी मांगनी चाहिए। वाड्रा ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा की, लेकिन कहा था कि जब भी देश में सांप्रदायिक मुद्दे उठते हैं और लोगों को असुरक्षित महसूस होता है, तो देश में विभाजन होता है और पड़ोसी देशों को इसका फायदा मिलता है।

‘आतंकियों की भाषा बोल रहे वाड्रा’

भाजपा ने वाड्रा के बयान की कड़ी निंदा की है। पार्टी का कहना है कि वाड्रा आतंकियों की भाषा बोल रहे हैं और उनके बर्बर कृत्यों को सही ठहरा रहे हैं। BJP ने कांग्रेस से स्पष्टीकरण मांगा है कि क्या सरकार के साथ खड़े होने का उसका दावा सिर्फ दिखावा है। BJP ने वाड्रा पर इस मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता नलिन कोहली ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, ‘रॉबर्ट वाड्रा की टिप्पणी पूरी तरह से निंदनीय है।’

उन्होंने आगे कहा, ‘यह वही भाषा है जो आतंकवादी हमेशा अपने आतंकवाद को सही ठहराने के लिए इस्तेमाल करते हैं। रॉबर्ट वाड्रा की टिप्पणी से यह स्पष्ट है कि वह ऐसे भयानक आतंकी हमले पर राजनीति करना चाहते हैं, जबकि पूरा देश इसके खिलाफ एकजुट है।’ कोहली ने वाड्रा से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा, ‘एक तरफ कांग्रेस अध्यक्ष (मल्लिकार्जुन खड़गे) कहते हैं कि पार्टी सरकार के साथ है, वहीं दूसरी तरफ नेहरू-गांधी परिवार के सदस्य रॉबर्ट वाड्रा कहते हैं कि इसके (आतंकी हमले के) मूल कारण तक जाने की जरूरत है।’ BJP प्रवक्ता ने कहा कि वाड्रा की टिप्पणी से सवाल उठता है कि क्या कांग्रेस दोहरे मापदंड की राजनीति कर रही है।

‘रॉबर्ट वाड्रा को माफी मांगनी चाहिए’

बीजेपी नेता ने पूछा, ‘वह उन पीड़ितों के लिए किस तरह का न्याय चाहते हैं, जिन्हें आतंकवादियों ने उनका धर्म पूछने के बाद गोली मार दी थी। कांग्रेस को तुरंत स्पष्टीकरण जारी करना चाहिए। रॉबर्ट वाड्रा को माफी मांगनी चाहिए।’ कोहली ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सऊदी अरब की अपनी दो दिवसीय यात्रा को बीच में छोड़कर आतंकी हमले के बाद दिल्ली लौट आए और हवाई अड्डे से ही बैठकें कीं। वहीं, गृह मंत्री अमित शाह जमीनी स्थिति का जायजा लेने के लिए कश्मीर गए।

‘आतंकी कृत्य का बचाव कर रहे वाड्रा’

वहीं BJP के आटी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि वाड्रा की टिप्पणी चौंकाने वाली है। मालवीय ने X पर लिखा, ‘वह आतंकवाद की निंदा करने के बजाय बेशर्मी से आतंकी कृत्य का बचाव कर रहे हैं और आतंकवादियों को संरक्षण दे रहे हैं।’

बर्ट वाड्रा ने क्या कहा था?

इससे पहले रॉबर्ट वाड्रा ने कहा था, ‘जब यह आतंकी घटना हुई, तो उन्होंने (आतंकियों) आईडी देखी, जो गैर-मुस्लिम थे उन पर हमला किया गया और प्रधानमंत्री को संदेश दिया गया। ऐसा क्यों हो रहा है? क्योंकि, उन्हें लग रहा है कि हमारे देश में मुसलमानों के साथ गलत व्यवहार हो रहा है।’ हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि यह उनकी निजी राय है और वह कांग्रेस पार्टी या अपने परिवार की ओर से नहीं बोल रहे हैं। वाड्रा ने कहा, ‘जैसा कि कहा जाता है कि आतंकवाद किसी भी धर्म को नहीं देखता है। लेकिन मुझे लगता है कि जब भी किसी देश में सांप्रदायिक मुद्दे होते हैं, तो लोगों को असुरक्षित महसूस होता है। विभाजन होता है और हम इसे अपने देश में देखते हैं।’

‘अल्पसंख्यकों को किनारे कर दिया जाता है’

उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे लगता है कि अल्पसंख्यकों को किनारे कर दिया जाता है। जब वे प्रार्थना कर रहे होते हैं, तो उन्हें अपनी छतों पर ऐसा करने की अनुमति नहीं होती है। अगर वे गुरुवार या शुक्रवार को बड़ी संख्या में प्रार्थना कर रहे हैं और सड़क पर भीड़ हो जाती है, तो उन्हें रोक दिया जाता है… मस्जिदों का सर्वेक्षण किया जा रहा है।’ वाड्रा ने बताया कि पिछली बार जब उन्होंने अल्पसंख्यकों के लिए आवाज उठाई थी, तो उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने बुलाया था। लेकिन, वह गलत होने पर हमेशा अपनी आवाज उठाते रहेंगे।

मुसलमानों से भेदभाव का आरोप लगाया

उन्होंने सवाल किया, ‘ऐसा क्यों है कि एक धर्म के लोग सड़कों पर अपने देवताओं और मान्यताओं का जश्न मना सकते हैं और हम सभी को उनका पालन करना होता है, लेकिन जब मुसलमान अपने देवताओं के लिए प्रार्थना कर रहे होते हैं, तो उन्हें रोक दिया जाता है?’ वाड्रा ने चेतावनी दी, ‘अगर हम एकजुट नहीं हुए, तो हम कमजोर हो जाएंगे और कोई भी पड़ोसी देश इसका फायदा उठाएगा।’ वाड्रा, जो कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के पति हैं, ने कहा, ‘यह समय है कि हमें एकजुट होने और राजनीति और धर्म को अलग करने की जरूरत है। धर्म आधारित राजनीति हमेशा विभाजन और अलगाव का कारण बनेगी और कोई प्रगति नहीं होगी। राजनीतिक दलों को आत्मनिरीक्षण करने की जरूरत है। जब मैं यह कहता हूं, तो ये मेरे विचार हैं और यह कांग्रेस पार्टी या मेरे परिवार का विचार नहीं है।’ वाड्रा ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से करनाल के रहने वाले पीड़ित के परिवार से मिलेंगे।

कश्मीरियों को नौकरी देने की मांग की

उन्होंने यह भी कहा कि सेना ‘बहुत मजबूत है और वे निश्चित रूप से इस पर ध्यान देंगे और पाकिस्तान को जवाब देंगे कि हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।’ उन्होंने कहा, ‘हमें वास्तव में एकजुट होकर एक साथ खड़े होने की जरूरत है और तभी हम किसी भी हमले से सुरक्षित रहेंगे।’ उन्होंने केंद्र सरकार से जम्मू और कश्मीर के लोगों को नौकरी देकर समर्थन करने की मांग की, क्योंकि उन्हें इस आतंकी हमले के बाद नुकसान होगा। वाड्रा ने कहा कि जो लोग पर्यटन के माध्यम से जीविका कमा रहे थे, वे ऐसा नहीं कर पाएंगे और केंद्र सरकार को इन लोगों की मदद करनी होगी। उन्होंने कहा कि यह उनकी वजह से नहीं हुआ है कि यह आतंकी कृत्य हुआ है। वाड्रा ने जोर देकर कहा, ‘हमें केंद्र सरकार के माध्यम से जम्मू और कश्मीर के लोगों की मदद करनी होगी और उन्हें नौकरियां देनी होंगी।’ आतंकवादियों ने जम्मू और कश्मीर के पहलगाम के पास बैसरन में हमला किया, जिसमें 28 लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे, और कई अन्य घायल हो गए। 

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