छत्तीसगढ़

BREAKING: सुरक्षा बलों को मिली बड़ी सफलता, भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री एवं 6 लाख की नगद राशि छोड़कर भागे नक्सली

नारायणपुर :-  जिला नारायणपुर थाना कोहकामेटा क्षेत्रान्तर्गत ग्राम कसोड़, कुमुरादी व आसपास के क्षेत्रों में नक्सल संवेदनशीलता को दृष्टिगत रखते हुए कैम्प पदमकोट से दिनांक 14.04.2025 को डीआरजी नारायणपुर एवं आईटीबीपी 41वीं वाहिनी की संयुक्त बल नक्सल विरोधी अभियान पर रवाना हुई थी।
सर्चिंग गश्त के दौरान दिनांक 15.04.2025 को ग्राम कसोड़-कुमुरादी के बीच जंगल पहाड़ी में सुरक्षा बलों का हथियारबंद सीनियर माओवादी कैडरों के साथ 2 से 3 घंटे भीषण मुठभेड़ हुई जिसमें हथियारबंद सीनियर माओवादी कैडर सुरक्षा बलों को भारी पड़ता देख एवं अपने आपको घिरता देख भारी मात्रा में नगदी रकम सहित विस्फोटक सामग्री एवं दैनिक उपयोगी सामग्री छोड़कर जान बचाकर भागे।
फायरिंग बंद होने के पश्चात सुरक्षा बलों द्वारा क्षेत्र का सघन सर्चिंग किया गया जिसमें घटना स्थल से नगद राशि 6,00000/- (शब्दो में छः लाख रूपये), लेपटॉप 11 नग, 50 किग्रा बारूद, 30 किग्रा शोरा नामक पदार्थ, 20-20 लीटर पेट्रोल-डीजल, 2 कुकर बम, एसएलआर का जिंदा कारतूस 130 नग, 12बोर का जिंदा कारतूस 25 नग, .303 का जिंदा कारतूस 18 नग, कार्डेक्स वायर 2 बंडल, बिजली वायर 10 बंडल, 1 नग नक्सली वर्दी, विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रानिक डिवाईस, दवाईयॉं, टिफिन, नक्सल साहित्य, जूते सहित अन्य दैनिक उपयोगी सामान मिला।
बरामद नक्सल सामग्री में से विस्फोटक सामग्री बारूद, शोरा नामक पदार्थ, पट्रोल-डीजल, कुकर बम, इलेक्ट्रीक वायर एवं विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रानिक डिवाईस, दवाईयॉं, टिफिन, नक्सल साहित्य, जूते सहित अन्य दैनिक उपयोगी सामान को मौके पर सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए सुरक्षात्मक तरीके से नष्ट किया गया। उक्त सफलतापूर्ण नक्सल विरोधी अभियान में नारायणपुर डीआरजी एवं आईटीबीपी 41वीं वाहिनी की विशेष भूमिका रही है।
सुरक्षा बलों की इस कार्यवाही से नक्सलियों को भारी आर्थिक तथा रणनीतिक क्षति होने के साथ-साथ उन्हें यह साफ संदेश गया है कि अब वे माड़ के किसी क्षेत्र में सुरक्षित नहीं है, उनके आश्रय स्थल सिमटते जा रहे है। अब नक्सल मुुक्त बस्तर की परिकल्पना साकार रूप ले रही है।
एसपी नारायणपुर प्रभात कुमार (भा.पु.से.) ने कहा कि अबूझमाड़ दुर्गम जंगल एवं विकट भौगोलिक परिस्थतियों में रहने वाले मूल निवासियों को नक्सलवादी विचारधारा से बचाना और उन्हें माओवादी सिद्धांतो के आकर्षण से बाहर निकालना ही हमारा मुख्य उद्देश्य है, ताकि क्षेत्र में विकास एवं शांति कायम हो सके। हम सभी नक्सली भाई-बहनों से अपील करते हैं कि उनका बाहरी लोगों की भ्रामक बातों और विचारधारा को त्याग कर शासन की आत्म समर्पण पुर्नवास नीति को अपनाकर समाज की मुख्यधारा से जुड़कर हथियार एवं नक्सलवाद विचारधारा का पूर्णतः त्याग एवं विरोध करें। अब समय माड़ को वापस उसके मूलवासियों को सौंप देने का है जहाँ वे निर्भीक रूप से सामान्य जीवन व्यतीत कर सके।
पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी. (भा.पु.से.) ने कहा कि वर्ष 2025 के शुरूवात में ही माआवेादी संगठनों के शीर्ष नेत्त्व को सुरक्षा बलोें द्वारा भारी क्षति पहुंचाई गई है। जिसमें डीकेएसजेडसी, डीव्हीसी, एसीएम एवं अन्य छोटे कैडरों के माओवादियों का भारी संख्या में मारे जाने से काफी क्षति हुई है। प्रतिबंधित एवं गैर कानूनी सीपीआई माओवादियों संगठन के पास अब हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण करने के अलावा और कोई विकल्प नही बचा है इसलिए माओवादी संगठन से अपील है कि वे तत्काल हिंसात्मक गतिविधियों को छोड़कर समाज की मुख्य धारा में जुडे़ अन्यथा परिणाम भुगतने को तैयार रहे।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button