पंचायत सचिवों की हड़ताल जारी, शासन के आदेश की कॉपी जलाई

बेमेतरा/मुंगेली: छत्तीसगढ़ में पंचायत सचिवों ने आंदोलन तेज कर दिया है. पंचायत सचिवों को सरकार ने 24 घंटे में काम पर लौटने का आदेश दिया था. इसके जवाब में हड़ताली सचिवों ने लोरमी में धरना स्थल पर सरकारी आदेश की प्रतियां जला दीं. वहीं बेमेतरा में भी शहर के जय स्तंभ चौक में प्रशासन के आदेश की प्रति जलाकर सचिवों ने अपना विरोध जताया है.
बेमेतरा के 425 सचिव अनिश्चितकालीन हड़ताल पर : बेमेतरा शहर के जय स्तंभ चौक में 425 से ज्यादा पंचायत सचिव अनिश्चितकालीन हड़ताल में बैठे हैं, जिससे ग्राम पंचायत का कामकाज ठप हो गया है.
दरअसल छत्तीसगढ़ में पंचायत सचिव शासकीयकरण किए जाने की मांग को लेकर 18 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. 17 मार्च को उन्होंने विधानसभा का घेराव भी किया था. सचिव संघ का कहना है कि 2023-24 के विधानसभा चुनाव में मोदी की गारंटी में उनके शासकीयकरण का वादा किया गया था.
दरअसल छत्तीसगढ़ में पंचायत सचिव शासकीयकरण किए जाने की मांग को लेकर 18 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. 17 मार्च को उन्होंने विधानसभा का घेराव भी किया था. सचिव संघ का कहना है कि 2023-24 के विधानसभा चुनाव में मोदी की गारंटी में उनके शासकीयकरण का वादा किया गया था.
7 जुलाई 2024 को रायपुर के इंडोर स्टेडियम में मुख्यमंत्री समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने शासकीयकरण का भरोसा दिया था. मुख्यमंत्री ने इसके लिए एक कमेटी गठित करने की घोषणा की थी. 16 जुलाई को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने कमेटी का गठन किया. कमेटी को 30 दिन में रिपोर्ट सौंपने को कहा गया था.
कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. पंचायत सचिवों को उम्मीद थी कि बजट सत्र में उनके शासकीयकरण की घोषणा होगी. साल 1995 से कार्यरत पंचायत सचिवों का शासकीयकरण किया जाना था. अब सचिवों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे काम पर नहीं लौटेंगे.
मांग पूरी नहीं होने तक हड़ताल: बेमेतरा सचिव संघ के जिला संयोजक आत्मप्रकाश पांडे ने कहा कि सरकार अपने वादों पर अमल नहीं कर रही है. प्रधानमंत्री के नाम से किए गए वादों से ही अब मुकर रही है. हड़ताल में बैठे सचिवों से बातचीत नहीं किया जा रहा है. वहीं बेमेतरा सचिव संघ जिलाध्यक्ष चंद्रमौल त्रिपाठी ने कहा कि अब आगे मंत्रालय का घेराव, विधायक मंत्रियों के निवास का घेराव किया जाएगा. सचिवों ने अपनी मांग पूरी नहीं होने तक हड़ताल करने की चेतावनी दी है.
इधर जांजगीर चांपा जिले में भी पंचायत सचिवों ने पंचायत संचनालय से जारी पत्र का विरोध करते हुए पत्र को आग के हवाले किया. प्रदेश पंचायत सचिव संघ 17मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रहे हैं. जिसमें मोदी की गारंटी के तहत पंचायत सचिवों को शासकीय करण करने की मांग की गई है. मांग पूरा नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी पंचायत सचिवों ने दी है.
संघ के प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र सिंह पैकरा पंचायत सचिव के आंदोलन में शामिल हुए और 30 मार्च को बिलासपुर में प्रधानमंत्री कार्यक्रम का विरोध करने का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने हमारी मांगों को सरकार बनने के 100 दिन के अंदर पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन सरकार को डेढ़ साल होने को है. अभी तक किसी तरह से चर्चा नहीं की गई है. जिसके कारण अब पंचायत सचिव अपना अधिकार लेने आर पार की लड़ाई के लिए तैयार है.



