रोजगार

अब रोजगार के लिए नहीं होना पड़ेगा परेशान, यूपी सरकार लाई नई योजना

लखनऊ। युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार दिलाने के लिए अब स्किल मैप तैयार किया जाएगा। मैप के माध्यम से प्रशिक्षित युवाओं को उनकी योग्यता व कौशल के आधार पर उपयुक्त रोजगार के अवसर दिलाए जाएंगे।

यह निर्देश व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने दिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डालर बनाने में उनके विभाग का बेहतर योगदान होगा। वर्तमान वित्तीय वर्ष में योजनाओं की सुस्त गति पर उन्होंन नाराजगी भी जताई।

डेटा को व्यवस्थित करने के आदेश

मंत्री ने डेलायट संस्था के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दें। स्किल मित्रा पोर्टल को और अधिक उपयोगी व अनुकूल बनाने के लिए विभागवार प्रशिक्षण डेटा को व्यवस्थित करने के आदेश दिए।

उन्होंने कहा कि इससे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की आसानी से आनलाइन निगरानी की जा सकेगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना को बेहतर ढंग से लागू कराने के लिए अभी से हर महीने का लक्ष्य तय किया जाए। प्रमुख सचिव, व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता डा. हरिओम ने कहा कि बाजार की मांग के अनुसार औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आइटीआइ) में नए ट्रेड शुरू किए जाएं।

यही नहीं कम रोजगार वाले पुराने ट्रेड को आइटीआइ में बंद किया जाए। वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना पर जिलों में आइटीआइ के प्रधानाचार्याें व अधिकारियों से चर्चा की जाए। वहीं कौशल विकास मिशन को नए कलेवर के साथ प्रभावी ढंग से चलाने पर भी मंथन किया गया।

तीन कृषि विश्वविद्यालयों में तैयार होंगी ड्रैगन फ्रूट और केला की उन्नत पौध

कृषि और बागवानी उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय निर्यात के स्तर तक ले जाने की कसरत में जुटी योगी सरकार ने उन्नत और रोग मुक्त पौध तैयार करने के दिशा में एक और कदम आगे बढ़ा दिया है। अयोध्या, मेरठ और कानपुर के कृषि विश्वविद्यालयों में ऊतक संवर्धन प्रयोगशाला (टिश्यू कल्चर लैब) की स्थापना की जाएगी।इनमें केला और ड्रैगन फ्रूट की उन्नत पौध विकसित करने और अधिक मात्रा में उपलब्ध कराने का काम होगा। जिससे किसान ज्यादा और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उत्पादन कर सकेंगे। इन लैब की स्थापना के लिए नौ करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।

प्रदेश सरकार ने बीते साल मेरठ के सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कानपुर के चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय और अयोध्या के आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में टिश्यू कल्चर लैब की स्थापना का निर्णय लिया था।

टिश्यू कल्चर एक संवर्धन विधि है, इसके माध्यम से पौधों के ऊतक की सहायता से रोग मुक्त और गुणवत्तायुक्त पौध तैयार की जाती है। इस विधि से एक साथ बड़ी संख्या में पाैध तैयार होती हैं। जिससे किसानों को फसल के लिए ज्यादा मात्रा में पौध उपलब्ध हो सकेंगीं।

लैब तैयार होने के बाद मेरठ और अयोध्या के कृषि विश्वविद्यालयों में केला की पौध तैयार की जाएंगीं, जबकि कानपुर के कृषि विश्वविद्यालय में केला के साथ ड्रैगन फ्रूट की पौध पर भी काम किया जाएगा। प्रदेश में केला की उन्नत पौध तैयार करने का काम पहले से ही कई जगहों पर किया जा रहा है, परंतु अभी भी इन पौध की पर्याप्त उपलब्धता की समस्या आती है। नई लैब के संचालन से इस परेशानी से भी किसानों को राहत मिलेगी।

वहीं ड्रैगन फ्रूट की बेहतर पौध उपलब्ध होने से इसका उत्पादन करने वाले किसानों को लाभ मिलेगा। सरकार द्वारा जारी किए गए नौ करोड़ रुपये में से 451.56 लाख रुपये मेरठ के कृषि विद्यालय, 190 लाख रुपये अयोध्या के कृषि विश्वविद्यालय और 258.44 लाख रुपये कानपुर के कृषि विश्वविद्यालय में लैब की स्थापना पर खर्च किए जाएंगे।

उपकार लखनऊ के उप महानिदेशक डा. संजीव कुमार के अनुसार टिश्यू कल्चर विधि से तैयार होने वाली पौध रोग मुक्त होती है और इसकी गुणवत्ता भी मानकों के अनुरूप रहती है।

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