गर्मी में पेयजल संकट, नगर निगम करेगी किराए के टैंकर से सप्लाई

रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर सहित दूसरे जिलों में हल्की गर्मी की शुरुआत हो गई है. गर्मी बढ़ते ही वॉटर लेवल कम होने लगता है. वहीं गर्मी के दिनों में पानी की खपत भी बढ़ जाती है. रायपुर के 14 से 15 वार्ड ऐसे हैं, जहां लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ता है.
रायपुर में पेयजल संकट की दस्तक: कई इलाकों में पेयजल संकट की समस्या ज्यादा होने पर टैंकर से पानी की सप्लाई की जाती है. रायपुर में साल 2024 में नगर निगम को किराए के टैंकर से पानी सप्लाई करना पड़ा था. रायपुर नगर निगम के 70 वार्ड में 14 से 15 वार्ड ऐसे हैं, जहां गर्मी के दिनों में किराए के टैंकर से पानी की सप्लाई होती है. अप्रैल के प्रथम सप्ताह से पानी टैंकर की सप्लाई का काम रायपुर नगर निगम शुरू करता है. बारिश के आते तक पानी टैंकर के जरिए मोहल्ले में सप्लाई होती है.
“गर्मी बढ़ते ही पानी की समस्या होती है”: भक्तमाता कर्मा वार्ड क्रमांक 67 के वार्डवासियों ने बताया कि अभी तो हल्की गर्मी की शुरुआत हुई है. जैसे ही गर्मी बढ़ेगी पानी की समस्या भी बढ़ जाएगी. गर्मी की शुरुआत होते ही पानी की खपत बढ़ जाती है. नलों में पानी कम आने के साथ ही बोर भी सूख जाते हैं, जिसकी वजह से लोगों को टैंकर के पानी पर निर्भर रहना पड़ता है.
वार्ड में रहने वाले विश्राम साहू ने बताया कि दिन भर में तीन चार टैंकर से पानी की सप्लाई होती है. गर्मी में कई लोग अपने घरों में सरकारी नलों में भी मोटर लगाकर पानी का उपयोग करते हैं. जिसकी वजह से लोगों के घरों तक पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पहुंच पाता.
वार्ड 67 निवासी इंदू मानिकपुरी ने बताया कि तीन साल पहले तक पानी की ज्यादा परेशानी नहीं होती थी. लेकिन अब तकलीफ होती है. गर्मी के दिनों में लोगों के घरों में लगे कूलर में भी पानी की जरुरत पड़ती है. जिसकी वजह से भी पानी की आपूर्ति वार्ड के कई मोहल्ले में कम हो जाती है. जिन जगहों पर टैंकर के माध्यम से पानी पहुंचाया जाता है, वहां पर पानी के लिए मोहल्लेवासियों के बीच लड़ाई झगड़े भी होते हैं.वार्ड क्रमांक 67 के कांग्रेस के पूर्व पार्षद उत्तम कुमार साहू ने बताया कि भक्त माता कर्मा वार्ड नंबर 67, डॉक्टर खूबचंद बघेल वार्ड नंबर 68 और वामन राव लाखे वार्ड समेत दूसरे वार्डों में गर्मी की शुरुआत होते ही पानी की समस्या शुरू हो जाती है. सभी वार्डों में बारिश होते तक पानी की सप्लाई टैंकर के माध्यम से करनी पड़ती है.
“गर्मी में पानी की खपत बढ़ती है”: ठंड और बरसात की तुलना में गर्मी के दिनों में पानी की खपत चार गुना बढ़ जाती है. वाटर लेवल भी धीरे धीरे कम होते जा रहा है, जिसकी वजह से भी गर्मी के दिनों में पानी की आपूर्ति नहीं हो पाती. वाटर लेवल दिनों दिन कम होते जा रहा है, जिस पर सरकार को गंभीरता से सोचने की जरूरत है.
रायपुर नगर निगम अपर आयुक्त कृष्णा देवी खटीक ने बताया कि “पिछले साल 2024 में गर्मी के दिनों में किराए के माध्यम से 48 टैंकर लिए गए थे, जिससे शहर के लगभग 14 से 15 वार्ड के कई मोहल्ले में पानी की आपूर्ति की गई थी.”
वाटर लेवल हो रहा कम: रायपुर नगर निगम अपर आयुक्त के मुताबिक गर्मी के दिनों में वाटर लेवल कम होने की वजह से इस तरह की समस्या साल दर साल देखने को मिल रही है. निजी और सार्वजनिक बोर में वाटर लेवल कम होने की वजह से पानी कम आने लगता है. ऐसी स्थिति में वार्ड के उन सभी मोहल्ले में टैंकर के माध्यम से पानी की सप्लाई होती है.
कृष्णा देवी खटीक का कहना है कि गर्मी के दिनों में पानी की खपत बढ़ जाती है. ऐसी स्थिति में भीषण गर्मी के समय लगभग ढाई से 3 महीने तक वार्ड के उन मोहल्ले में पानी की सप्लाई का काम टैंकर के माध्यम से किया जाता है.



