एक्सपायरी डेट का इंजेक्शन लगाने से हुई बाइसन की मौत: नितिन संघवी

रायपुर: वन्य जीव प्रेमी नितिन सिंघवी ने बाइसन की मौत पर बड़ा खुलासा किया. नितिन संघवी ने कहा है कि बरनावापारा अभ्यारण से गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व भेजे गए बाइसन की मौत एक्सपायरी डेट की इंजेक्शन लगाने से हुई है. सिंघवी ने कहा कि इसका खुलासा दस्तावेज सामने आने के बाद हुआ है. सिंघवी ने कहा कि बाइसन की मौत नहीं हुई है बल्कि उसकी हत्या की गई है.
बाइसन की मौत पर खुलासा: नितिन सिंघवी कहते हैं कि जनवरी के महीने में बरनावापारा अभ्यारण से गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व भेजी गई मादा सब एडल्ट बाइसन की मौत 12 घंटे की ट्रक की यात्रा के बाद गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व पहुंचने पर हो गई थी. इस मामले में वन विभाग के ही दस्तावेज यह बता रहे हैं कि बाइसन की मौत एक्सपायरी डेट का इंजेक्शन लगाने से हुई.
”बेहोशी से निकालने की दवा थी एक्सपायर्ड”: वन्य जीव प्रेमी नितिन सिंघवी कहते हैं कि बड़े वन्य प्राणियों को ट्रांस्लोकेट करने के पहले उन्हें पकड़ने (कैप्चर) करने के लिए बेहोश किया जाता है. बेहोशी से निकालने के लिए उसी बेहोश करने वाली दवा की एंटीडॉट (रेवेर्सल) का इंजेक्शन दिया जाता है. इस घटना में दुर्भाग्य रहा कि मादा सब एडल्ट बाइसन को बेहोश करने की जो दवा दी गई थी वह ”कैपटीवान” थी. ”कैपटीवान” कितनी ताकतवार होती है उसका इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह मोर्फिन से तीन से आठ हजार गुना ताकतवार होती है.
एंटीडॉट (रेवेर्सल) का इंजेक्शन दिया: नितिन सिंघवी कहते हैं कि मादा सब एडल्ट को कैपटीवान तो दी गई पर उसका असर पलटने के लिए जो एक्टिवोन का इंजेक्शन लगाया गया वह एक्टिवान 10 महीने पहले ही एक्सपार हो गई थी, इसलिए वह एक्टिवोन असर नहीं कर पाई और मादा सब एडल्ट बाइसन की मौत ताकतवार कैपटीवान के असर में घंटों रहने के चलते हो गई.



