Paytm के सीईओ ने चेताया ‘पता नहीं चलेगा कि आप इंसान से बात कर रहे हैं या बॉट से’, AI के असर पर

नई दिल्ली. भारत समेत दुनिया के कई देशों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई (AI) तेजी से अपने पैर पसार रहा है. इसके असर को लेकर दुनिया भर में बहस हो रही है. इस बीच डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म पेटीएम (Paytm) के फाउंडर और सीईओ विजय शेखर शर्मा ने सोशल मीडिया पर AI-जनरेटेड कंटेंट की बाढ़ को लेकर चिंता जताई है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के जरिए अपनी चिंताओं को शेयर किया. इसमें उन्होंने उन जटिलताओं और चुनौतियों पर प्रकाश डाला, जहां इंसान और AI-जनरेटेड कंटेंट को अलग करना मुश्किल होता जा रहा है.
‘द गार्जियन’ की एक रिपोर्ट का जवाब देते हुए शर्मा ने कहा कि हम जल्द ही उस स्थिति में पहुंच सकते हैं जहां यह बताना मुश्किल हो जाएगा कि हम किसी इंसान से बात कर रहे हैं या किसी बॉट से. उन्होंने X पर लिखा, “काश हम एआई बॉट्स और इंसानों द्वारा किए गए पोस्ट को फिल्टर कर पाते. दुख की बात है कि जल्द ही आप यह नहीं जान पाएंगे कि आप किसी इंसान से बात कर रहे हैं या बॉट से.”
पेटीएम के चीफ ने यह भी स्क्रीनशॉट शेयर किए कि कैसे X की ओर से डेवलप AI चैटबॉट Grok उन्हें उनके पोस्ट के लिए हिंदी में सुझाव दे रहा था.
लिंक्डिइन पर 54 फीसदी से ज्यादा कंटेंट AI से जनरेट
एआई टूल्स द्वारा कंटेंट तैयार करने की ट्रेंड ने AI स्लोप या इंटरनेट स्पैम- लो-क्वालिटी वाले टेक्स्ट, वीडियो और इमेज को भी जन्म दिया है. एआई डिटेक्शन स्टार्टअप Originality AI द्वारा शेयर किए गए एक नए विश्लेषण का हवाला देते हुए WIRED की रिपोर्ट के मुताबिक, लिंक्डिइन पर 54 फीसदी से ज्यादा लंबे अंग्रेजी-भाषा के पोस्ट संभवतः एआई द्वारा जनरेट किए जा रहे हैं.
इसने जनवरी 2018 और अक्टूबर 2024 के बीच प्रकाशित 100 शब्दों से ज्यादा के 8,795 पब्लिक लिंक्डिइन पोस्ट के सैंपल को स्कैन किया और पाया कि पहले कुछ सालों में, लिंक्डिइन पर AI राइटिंग टूल्स का इस्तेमाल नगण्य था, लेकिन 2023 की शुरुआत में इसमें वृद्धि हुई. Originality AI के सीईओ जॉन गिल्हम ने पब्लिकेशन को बताया कि जब से चैटजीपीटी आया, तब यह बढ़ोतरी हुई.



