मुंबई में घर की मुश्किल हाेगी दूर, शिंदे ने रेंटल हाउसिंग का किया ऐलान

मुंबई: मुंबई में लोगों के घर के सपने को उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पूरा करेंगे। महायुति सरकार में गृह निर्माण मंत्री बने एकनाथ शिंदे ने विभाग का चार्ज संभालने के बाद इस दिशा में काम शुरू कर दिया है। शुक्रवार को शिंदे ने राज्य की नई आवास नीति को लेकर एक बैठक ली। इसमें उन्होंने हाउसिंग फॉर ऑल के सपने को पूरा करने के लिए किफायती, टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल आवास निर्माण नीति बनाने पर जोर दिया। शिंदे ने कहा कि इस संबंध में एक विस्तृत नीति एक महीने के भीतर तैयार की जानी चाहिए ताकि नागरिकों को म्हाडा और आवास विभाग की योजनाओं से आसानी से लाभ मिल सके। डिप्टी सीएम शिंदे ने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। उन्होंने मुंबई में रुकी हुई पुनर्विकास परियोजनाओं में तेजी लाने का निर्देश दिया।
कलस्टर योजना होगी शुरू
सीएम शिंदे ने कहा कि राज्य सरकार के माध्यम से मिल श्रमिकों के लिए लगभग एक लाख आवास बनाए जाएंगे। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विश्वास व्यक्त किया कि मुंबई के विकास के लिए जल्द ही एक क्लस्टर योजना शुरू की जाएगी और इस योजना के माध्यम से मुंबई में लाखों घर उपलब्ध होंगे। सह्याद्रि गेस्टहाउस में उपमुख्यमंत्री शिंदे की अध्यक्षता में आवास विभाग की समीक्षा बैठक हुई। यह बैठक करीब तीन घंटे तक चली। इस बैठक में उपमुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं की विस्तार से समीक्षा की। इस बैठक में आवास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव वल्सा नायर सिंह, धारावी पुनर्विकास परियोजना के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एस.वी.आर. श्रीनिवास, शहरी विकास विभाग के प्रमुख सचिव असीम गुप्ता, म्हाडा के उपाध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीव जयसवाल, मुंबई स्लम पुनर्वास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. महेंद्र कल्याणकर, मुंबई हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट बोर्ड के मुख्य अधिकारी मिलिंद बोरिकर मौजूद रहे।
महाराष्ट्र पहला राज्य होगा
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए आवास नीति लागू करने वाला महाराष्ट्र पहला राज्य होगा। इस नीति के अनुसार, छात्रों के लिए छात्रावास, कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास, श्रमिकों के लिए घर, पट्टे पर घर, पुनर्विकास, पर्यावरण के अनुकूल घर, नवीन प्रौद्योगिकी के माध्यम से घर बनाए जाएंगे। प्रदेश में विभिन्न आवासीय संस्थाओं के माध्यम से अनेक आवासीय परियोजनाएँ क्रियान्वित की जा रही हैं। मुंबई में इन लंबित आवास परियोजनाओं में तेजी लाई जानी चाहिए। मिल कर्मियों के लिए एक लाख मकान बनाये जायेंगे और टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है। जो मिल मजदूर अपने पैतृक गांव चले गए हैं, उनकी जांच होनी चाहिए कि क्या उन्हें उनके पैतृक गांव में घर दिया जा सकता है।



