नगरीय प्रशासन विभाग की बैठक: उप मुख्यमंत्री ने की नगर निगमों के कार्यों की समीक्षा, अधिकारियों को दिए निर्देश

रायपुर। उप मुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. जिसमें उप मुख्यमंत्री ने और नगरीय निकायों के अधिकारीयों को उनके क्षेत्रों में निर्माण और साफ-सफाई के कार्यों का गंभीरतापूर्वक निरीक्षण करने के निर्देश दिए. इस बैठक के दौरान नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजू एस, संयुक्त सचिव पी.एस. ध्रुव, संचालक कुंदन कुमार और नगरीय निकायों के अधिकारी समीक्षा बैठक में मौजूद रहे. इस समीक्षा बैठक के बाद विभाग ने आज ही नगरीय निकायों में विकास कार्यों के लिए 215 करोड़ रुपए की राशि जारी कर दी है.
बता दे कि, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नगरीय प्रशासन विभाग की समीक्षा बैठक में सभी नगर निगमों के आयुक्त को निर्माण कार्यों और साफ-सफाई का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए. इसके साथ ही उन्हें निगमों के कार्यों की मॉनिटरींग के लिए हफ्ते में तीन दिन जनप्रतिनिधियों और नगर निगम की टीम के साथ अलग-अलग वार्डों का निरीक्षण करने को कहा. उन्होंने साथ ही निरीक्षण की तस्वीरें भी साझा करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए. इसके अलावा 22 जनवरी को अयोध्या में राममंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर शहरों के सभी वार्डों में जन सहयोग से स्वच्छता अभियान संचालित करने को के लिए भी उन्होंने निर्देश दिए.
इस बैठक के दौरान उप मुख्यमंत्री साव ने नगर निगमों के आयुक्त से कहा कि, ‘’निर्माण और साफ-सफाई के कार्यों का गंभीरतापूर्वक निरीक्षण करें. निरीक्षण के दौरान मैं खुद किसी दिन सुबह किसी भी नगर निगम में पहुंच सकता हूं’’. उन्होंने सभी नगर निगमों में वार्डवार निरीक्षण के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने के भी निर्देश दिए.
संपत्ति कर की वसूली के लिए चलासा जाएगा अभियान
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बैठक में सभी नगर निगमों में संपत्ति कर की वसूली के लिए अभियान चलाने को कहा. उन्होंने व्यावसायिक और आवासीय संपत्तियों से बकाया कर की राशि वसूलने के लिए हर बुधवार को अभियान संचालित करने के निर्देश दिए. उन्होंने संपत्ति कर के बड़े बकायादारों की सूची तैयार कर कड़ाई से इसकी वसूली करने को कहा. उन्होंने आयुक्तों को हर सप्ताह संपत्ति कर की प्राप्ति की समीक्षा करने के निर्देश दिए. इसके साथ ही उन्होंने संपत्ति कर का निर्धारित लक्ष्य हासिल करने और वसूली में तेजी लाने के लिए कई सालों से एक ही स्थान पर पदस्थ सहायक राजस्व अधिकारियों (ARI) और राजस्व अधिकारियों (RI) के कार्यों की समीक्षा कर आवश्यकतानुसार उन्हें बदलने के निर्देश दिए. उन्होंने नवनिर्मित कॉलोनियों और व्यावसायिक परिसरों से भी प्राथमिकता से संपत्ति कर वसूलने को कहा.



